खरड़। सोमवार को नगर परिषद खरड़ के प्रधान पद के चुनाव होने थे। यहां अकाली-कांग्रेसी और अन्य पार्षद पहुंचे। लेकिन यहां नगर परिषद कार्यालय में उस समय माहौल गर्मा गया जब बहुमत का आंकड़ा पूरा न होता देख कांग्रेसी पार्षदों ने हंगामा कर दिया। उन्होंने विजेता कांग्रेस की पांच पार्षद और दो आजाद पार्षदों को आगे करके हंगामा शुरू कर दिया किया। इस दौरान तैश में आकर एक पार्षद ने कुर्सी उठाकर एसडीएम की मेज पर दे मारी। इस पर माहौल बिगड़ता देखकर एसडीएम उठकर बाहर चले गए और चुनाव स्थगित कर दिया।
इसके थोड़ी देर बात ही चुनाव की अगली तारीख 3 मई घोषित कर दी गई। एसडीएम ने कहा मीटिंग हाल में घटना की वीडियोग्राफी समेत लिखित शिकायत जांच के लिए डीएसपी खरड़ को सौंपी जाएगी।
वहीं, अकाली दल के नेताओं ने परिषद कार्यालय के बाहर एसडीएम की गाड़ी रोककर प्रदर्शन किया। इस पर एसडीएम वापस कार्यालय लौट आए। अकाली नेताओें ने कहा कि हमारे पास अधिक बहुमत है। इसके बावजूद प्रशासन पंजाब सरकार के एजेंट की तरह काम कर रहा है और लोकतंत्र का हनन हो रहा है।
इससे पहले मीटिंग के तय समय पर शिअद के पार्षद, आजाद और आम आदमी पार्टी का एक पार्षद, पूर्व लोक सभा सदस्य प्रेम सिंह चंदूमाजरा और खरड़ हलके के इंचार्ज रणजीत सिंह गिल और चरणजीत सिंह बराड़ के नेतृत्व में कार्यालय के गेट तक काफिले के रूप में पहुंचे।
इसके बाद कांग्रेस पार्टी के दस पार्षद और दो आजाद पार्षद कार्यालय पहुंचे थे। मीटिंग हाल में शपथ समारोह होने के बाद जमकर बवाल हुआ और मीटिंग स्थगित हो गई।
प्रेम सिंह चंदूमाजरा ने पंजाब सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि शिअद के पास 15 पार्षदों का बहुमत होने पर भी उनका प्रधान नहीं बनाया गया। पंजाब सरकार के इशारे पर चुनाव स्थगित करके लोक तंत्र का हनन किया गया है। शिअद ने हाईकोर्ट में रिट पटीशन डाल दी है।
कांग्रेसी पार्षदों के अकाली दल पर आरोप
यहां मौजूद कांग्रेस पार्टी के पार्षद शिवानी चड्ढा व नीलम शर्मा समेत अन्य पार्षदों ने आरोप लगाया कि अकाली दल ने आजाद पार्षदों को पिछले कई दिनों से अगवा किया हुआ था और अकाली दल ने ही हंगामा किया है। शिअद और आजाद ग्रुप के पार्षदों ने आरोप लगाया कि मीटिंग हाल में कांग्रेस पार्टी के पार्षदों ने तोड़फोड़ की है। इस दौरान मीडिया को भी अंदर नहीं जाने दिया गया और कोरोना दिशानिर्देशों का उल्लंघन किया गया।
फोटो नंबर- 19 खरड़-
फोटो नंबर 04 ए,बी।