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Mohali News: मोहाली में बेरोजगार ईटीटी अध्यापकों ने डीपीआई दफ्तर में घुसने की कोशिश की, धक्कामुक्की के बाद पुलिस ने खदेड़ा

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मोहाली। लंबे समय से ज्वाइंनिंग की मांग कर रहे ईटीटी काडर के 5994 और 2364 यूनियन ने संयुक्त रूप से डीपीआई दफ्तर का घेराव किया। बेरोजगार शिक्षकों ने मुख्यमंत्री भगवंत मान की अगुवाई वाली आम आदमी पार्टी की पंजाब सरकार और शिक्षा विभाग के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। अध्यापकों ने दोपहर बाद डीपीआई दफ्तर के अंदर जाने की कोशिश की, परंतु पुलिस ने इनको रोक लिया और अंदर नहीं जाने दिया गया। इस दौरान अध्यापकों की पुलिस के साथ धक्कामुक्की भी हुई और पुलिस ने इनको धरना स्थल से खदेड़ दिया। विरोध प्रदर्शन के दौरान बेरोजगार शिक्षक सुबह 10 बजे गुरुद्वारा अंब साहिब में इकट्ठा हुए, जहां विभिन्न नेताओं ने संबोधन किया। इसके बाद उन्होंने विशाल रोष मार्च निकालते हुए डीपीआई दफ्तर की पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए रवाना थे।
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यूनियन नता बोले- हाईकोर्ट से रोक लगे होने का बहाना बनाकर ज्वाइनिंग प्रक्रिया को रोका
यूनियन नेता बलिहार सिंह, हरजीत बुढलाडा, बंटी कंबोज, गुरसंगत बुढलाडा, बग्गा खुडाल, परमपाल फाजिलका, मनप्रीत मंसा और हरीश कंबोज ने बताया कि ईटीटी 5994 भर्ती पर पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने किसी भी प्रकार की रोक नहीं लगाई है, लेकिन शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों ने हाईकोर्ट से रोक लगे होने का बहाना बनाकर ज्वाइनिंग प्रक्रिया को रोका हुआ है। ईटीटी 2364 भर्ती की प्रोविजनल सिलेक्शन लिस्ट 25 जुलाई 2024 को और 5994 भर्ती की प्रोविजनल सिलेक्शन लिस्ट 1 सितंबर 2024 को जारी की जा चुकी है, लेकिन अब तक शिक्षा विभाग ने ज्वाइनिंग नहीं दी। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य के चार हलकों में चुनावी कारणों से शिक्षा विभाग ने चुनाव आचार संहिता का बहाना बनाकर भर्ती प्रक्रिया रोक दी थी, लेकिन भारतीय चुनाव आयोग ने 14 अक्तूबर 2024 को इस भर्ती प्रक्रिया पर कोई रोक न लगाते हुए तुरंत ज्वाइनिंग देने की मंजूरी दी थी। इसके बाद 19 नवंबर को पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में इस मामले पर सुनवाई हुई जिसमें कोर्ट ने किसी भी प्रकार की रोक का उल्लेख नहीं किया और सुनवाई की अगली तारीख 17 जनवरी 2025 तय की। इसके बावजूद शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने दावा किया कि इस भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगी हुई है जबकि कोर्ट के आदेश में इस प्रकार की कोई भी रोक नहीं है।
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