पुलिस मामले की जांच में जुटी है
- फोटो : अमर उजाला
एक कलयुगी मामा ने अपने भांजे को मौत के घाट उतार दिया। मामा को भांजे पर यह शक था कि युवक का उसकी बहू के साथ अवैध संबंध हैं। कंस मामा ने उसे चंडीगढ़ घूमाने के बहाने अपनी कार में बिठाया और बीच रास्ते में मौत के घाट उतार दिया। इस वारदात को मामा और उसके तीन साथियों ने अंजाम दिया है। पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
अंबाला-चंडीगढ़ हाईवे पर स्थित सरसीनी के नजदीक चंडीगढ़ ढाबे के पास 22 वर्षीय युवक की अवैध संबंध के चलते ईंटें मारकर बेरहमी से हत्या कर दी गई है। मृतक की पहचान बिट्टू पुत्र रणधीर सिंह निवासी मसूदपुर, हांसी, जिला हिसार के तौर पर हुई है। वह माता-पिता का इकलौता अविवाहित बेटा था और बीए की पढ़ाई कर रहा था। वह सेना में भर्ती की तैयारी कर रहा था।
मोर्चरी में शव रख भाग गए थे आरोपी
आरोपियों की पहचान मामा सुभाष निवासी दनोढा, जिला जींद (हरियाणा) और अन्य तीन आरोपियों में मृतक के ही गांव के रहने वाले दोस्त सुनील, नवीन उर्फ छबिला, नवीन उर्फ मनिया के रूप में हुई है। पुलिस ने इस वारदात में इस्तेमाल की गई कार भी कब्जे में ले ली है। आरोपी बिट्टू को चंडीगढ़ घूमने के बहाने कार में साथ लेकर गए थे। रास्ते में हत्या करने के बाद हादसा दिखाने के लिए अंबाला कैंट के सरकारी अस्पताल की मोर्चरी में शव रखवा दिया था।
दोस्तों ने भी मामा का दिया साथ
थाना लालड़ू के प्रभारी इंस्पेक्टर गुरजीत सिंह ने बताया कि मृतक के पिता रणबीर सिंह ने पुलिस को बताया कि उसके एक बेटा और एक बेटी है। 22 जुलाई को करीब 11 बजे उसके बेटे बिट्टू ने फोन पर बताया कि वह अपने मामा सुभाष की कार में अपने तीन दोस्त सुनील, नवीन उर्फ छबिला, नवीन उर्फ मनिया के साथ चंडीगढ़ घूमने जा रहा है। 23 जुलाई को तड़के करीब 4 बजे उसके भतीजे विजय ने फोन पर जानकारी दी कि सरसीनी स्थित चंडीगढ़ ढाबे के पास बिट्टू के मामा ने उसके तीन दोस्तों के साथ मिलकर बिट्टू की हत्या कर दी है। चारों आरोपी बिट्टू का शव अंबाला कैंट के सरकारी अस्पताल की मोर्चरी में रखवाकर फरार हो गए हैं।
पुलिस चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर डेराबस्सी अदालत में पेश किया। यहां से अदालत ने चारों को तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस ने शव को अंबाला से लाकर सरकारी अस्पताल डेराबस्सी से पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है।