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यूक्रेन की फौज भारतीयों से कर रही मारपीट और बदसलूकी

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मोहाली। यूक्रेन में फंसे छात्र दिन रात मौत के साए में जी रहे हैं, उनकी वहां पर कोई सुनने वाला नहीं है। भारत की तरफ से रूस का समर्थन किए जाने से यूक्रेन की जनता व फौज भारतीय छात्रों के साथ भेदभाव कर रही है। साथ ही उन्हें बार्डर पार करने में भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। यह कहना है यूक्रेन में डॉक्टरी की पढ़ाई कर रहे अंतिम साल के छात्र हरमिंदर सिंह का। जोकि शनिवार को आपरेशन गंगा के तहत फेज-11 स्थित अपने घर सकुशल पहुंचे हैं।
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हरमिंदर सिंह ने बताया कि उनका शहर पौलेंड सीमा से 200 किलोमीटर दूर है। अभी भी वहां पर सौ के करीब भारतीय छात्र फंसे हुए हैं। छात्रों के पास खाने पीने का सामान भी खत्म हो चुुुका है। साथ ही पानी के लिए उन्हें बर्फ पिघलानी पड़ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि यूक्रेन में फंसे छात्रों की घर वापसी आसान नहीं है। सरकार की तरफ से जो इस मिशन में नियुक्त किए गए हैं। वह फोन तक नहीं उठाते हैं, अगर किसी का फोन उठा लिया जाता है तो कहा जाता है कि पड़ोसी देश पौलेंड पहुंचे। जहां से उन्हें भारत पहुंचाने का इंतजाम कर दिया जाएगा। बॉर्डर पर यूक्रेन के फौजी भारतीयों के साथ मारपीट कर रहे हैं। भारतीय छात्रों के साथ भी बदसलूकी की जा रही है। बार्डर पर लाइनों में भारतीय को खड़ा किया जाता है। पहले यूक्रेन वालों को बार्डर पार करवाया जा रहा है, जबकि उसके बाद भारतीय को मौका दिया जा रहा था। उन्होंने बताया कि पौलेंड तक वह किसी तरह इंतजाम कर पहुंचे थे। रास्ते में तबाही का मंजर साफ दिख रहा था। पौलेंड बार्डर पार करने के बाद अधिकारियों ने उन्हें संभाल लिया। इसके बाद हमारी यहां वापसी हुई है।
साथियों और पढ़ाई का दुख सता रहा
हरमिंदर ने कहा कि उन्हें साथियों और पढ़ाई का दुख सता रहा है। हरमिंदर सिंह की मां मीना ने भगवान का शुक्रिया अदा किया कि उनका बेटा सही सलामत घर पहुंच गया। इस मौके पर भाजपा नेता व मोहाली जिला योजना कमेटी की पूर्व चेयरपर्सन अमनजोत कौर रामूवालिया उनके घर पहुंची। उन्होंने बताया कि हरमिंदर सिंह को आपरेशन गंगा के तहत भारत लाया गया।
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