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Mohali News: एसएचओ के नाम पर उगाही करते कांस्टेबल समेत दो काबू

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मोहाली। सोहाना थाना एसएचओ के नाम पर कबाड़ की दुकान चलाने वाले एक व्यक्ति से उगाही करने, धोखा देनेे व षड्यंत्र रचने के आरोप में एक कांस्टेबल समेत तीन के खिलाफ मामला दर्ज कर पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है।
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आरोपियों पर एसएचओ सोहाना जसकंवल सेखों का नाम इस्तेमाल कर 20 हजार रुपये प्रति महीना उगाही करने का आरोप है। गिरफ्तार दो आरोपियों में महिंदरपाल सिंह (एडीजीपी स्तर के अधिकारी के स्टाफ में तैनात कांस्टेबल) व संदीप सिंह शामिल हैं। तीसरा आरोपी काला अभी फरार है जिसकी तलाश जारी है। यह मामला गांव बाकरपुर के रहने वाले पुष्पिंदर के बयान पर दर्ज किया गया है।
दोनों को अदालत में पेश कर एक दिन का रिमांड मिला है। इस मामले में आरोपी अब तक शिकायतकर्ता से 15 हजार रुपये वसूल चुके थे। लालच बढ़ता जा रहा था जिस कारण शिकायतकर्ता को उन पर शक हुआ और उसने पुलिस को इसकी शिकायत दी। पुलिस ने जांच के बाद इस मामले में सुल्तानपुर लोधी की पुडा कॉलोनी के रहने वाले महिंदर सिंह और गांव मौली बैदवान के रहने वाले संदीप सिंह व काला के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
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महिंदरपाल सोहाना थाने का कर्मचारी बनकर कराता था सेटिंग
पुष्पिंदर ने पुलिस को दिए बयान में कहा कि वह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के जिला कासगंज के गांव दनसिंह का रहने वाला है। उसकी गांव बाकरपुर में कबाड़ की दुकान है। 12 दिसंबर को उसके मोबाइल पर फोन आया। फोन करने वाले ने उससे कहा कि वह महिंदरपाल सिंह बोल रहा है और इस समय सोहाना थाने में तैनात है। उसने कहा कि वह अवैध कबाड़ का काम करता है। चोरी का सामान खरीदता बेचता है और उसकी कबाड़ की दुकान पर कभी भी पुलिस की दबिश दे हो सकती है। खुद को सोहाना थाने का मुलाजिम कहने वाले ने उसे यह भी कहा कि वह एसएचओ के साथ उसकी बातचीत करवा सकता है लेकिन बदले में उसे एसएचओ को प्रति महीना 20 हजार रुपये रिश्वत देनी होगी। इसके अलावा उसने कहा कि उसके खिलाफ और भी थाने में कई शिकायतें चल रही हैं। इन शिकायतों को खत्म करने के लिए उसे भी 10 हजार रुपये रिश्वत देनी होगी। इसके बाद 12 दिसंबर को आरोपी उससे सात हजार रुपये रिश्वत ले गया और 13 दिसंबर को उसे अगली रकम पकड़ाने के लिए कहा। उसे अगले दिन सेक्टर-80 की ट्रैफिक लाइटों पर आठ हजार रुपये लेकर आने को कहा। वह उसकी बुलाई जगह पर पहुंचा जहां उसने आरोपियों को आठ हजार रुपये दे दिए लेकिन उनका लालच बढ़ गया। उन्होंने उसे वहां धमकाया कि अगली बार वह उससे 20 हजार रुपये प्रति महीना से कम रिश्वत नहीं लेंगे। घर लौटकर उसने उक्त आरोपियों की जानकारी हासिल की तो उसे पता चला कि खुद को सोहाना थाने के कर्मचारी बताने वाला महिंदर सिंह नकली पुलिस वाला बनकर उसे धमका रहा था। महिंदर सोहाना थाने में तैनात ही नहीं है और उसका साथी संदीप भी पुलिस मुलाजिम नहीं है।

काला करता था एसएचओ के नाम वसूली
पूछताछ में यह बात सामने आई है कि उक्त आरोपियों का तीसरा साथी काला जो मौली बैदवान का रहने वाला है। वह खुद सोहाना थाने का एसएचओ बनता था। वह कबाड़ की दुकानों पर जाकर खुद को सोहाना थाने का एसएचओ बताकर जबरन वसूली करता था। उसने कई दुकानों से एसएचओ के नाम पर रिश्वत ली है। वहीं, महिंदरपाल सिंह सोहाना थाने का कर्मचारी बनकर बातचीत करता था और कबाड़ की दुकान चलाने वालों को बाद में एसएचओ के साथ सेटिंग करने के नाम पर रिश्वत मांगते थे। पुलिस जांच कर रही है कि अब तक आरोपियों ने कितने लोगों से एसएचओ बनकर रंगदारी वसूली है।
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