मोहाली। जिले में चल रही ट्रक ऑपरेटरों की हड़ताल का असर अब इंडस्ट्री पर पड़ने लगा है और अगर ये हड़ताल खत्म नहीं हुई तो इंडस्ट्री की दिक्कतें बढ़ सकती हैं। इंडस्ट्री से जुड़े लोगों ने बताया कि सामान की ढुलाई न होने से करोड़ों रुपये का नुकसान झेलना पड़ सकता है। बता दें कि पंजाब के ट्रक आपरेटरों की ओर से अपनी मांगों को लेकर हड़ताल कर दी हैं, जिनकी मांग है कि ट्रक यूनियन को बहाल करना और ओवरलोडिंग को बंद किया जाए।
सामान की ढुलाई न होने से ठप हो रहा कारोबार
जानकारी के मुताबिक वीआईपी शहर में छोटी और बड़ी को मिलाकर कुल चार हजार इंडस्ट्री मौजूद हैं और इन इंडस्ट्रियों में स्कूटर, कार, बस और ट्रेन आदि में इस्तेमाल होने वाले कलपुर्जे तैयार होते हैं। वहीं, फैक्टरियों में तैयार होने वाले कलपुर्जे की ढुलाई अपने देश के अलावा विदेशों में की जाती है। दूसरी ओर इन फैक्टरियों में तैयार होने वाले सामान को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने के लिए ट्रक आपरेटर्स पर निर्भर हैं। लेकिन पिछले कुछ दिनों से चल रही ट्रक आपरेटरों की हड़ताल के चलते इंडस्ट्री से जुड़े लोगों की परेशानियां बढ़ा दी हैं।
यह कहना है कंपनी मालिकों का
मेरी कंपनी में नट बॉल्ट बनाए जाते हैं, जिनकी सप्लाई ट्रकों के जरिये देश के अलग-अलग हिस्सों में होती है। हड़ताल अगर ज्यादा दिनों तक चली तो सामान की ढुलाई के लिए जरूर मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा और भारी नुकसान होगा। -अर्जुन गुप्ता, इंडस्ट्रियल एरिया, फेज-7 मोहाली।
चंडीगढ़ के ट्रांसपोर्टर पर निर्भर होंगे
सामान की सप्लाई अभी चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट से होती। लेकिन हड़ताल ज्यादा दिन तक चली तो सभी लोग चंडीगढ़ के ट्रांसपोर्ट पर निर्भर हो जाएंगे, जिसकी वजह से गाड़ियां मिलने में दिक्कत हो सकती है।
-जय गोयल, इंडस्ट्रियल एरिया, फेज-7 मोहाली।