मोहाली। जिले के तीन मेधावी टॉपर्स विद्यार्थियों के लिए बुधवार का दिन किसी खास अनुभव से कम नहीं रहा। 12वीं कक्षा के टॉपर्स भावना, अंतरजोत सिंह और हबीब को एक दिन के लिए जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली को बेहद करीब से देखने और समझने का मौका मिला। यह अनुभव महज औपचारिक नहीं था। यह एक प्रेरणा, एक दिशा और एक लक्ष्य तय करने वाला दिन था। यह पहल के तहत सरकारी स्कूलों के बेहतरीन विद्यार्थियों को प्रशासनिक दुनिया से रूबरू करवाया जा रहा है ताकि वे भविष्य में खुद भी नेतृत्वकारी भूमिकाओं के लिए तैयार हो सकें।
दिन की शुरुआत डिप्टी कमिश्नर कोमल मित्तल के सरकारी आवास पर हुई, जहां बच्चों ने उनके साथ योग किया और फिर नाश्ते की मेज पर प्रशासन, करिअर और जीवन से जुड़ी कई गूढ़ बातें साझा कीं। इन टॉपर्स में भावना ने (98.2%), हबीब (97.4%) और अंतरजोत सिंह (97.4%) तीनों विद्यार्थियों की आंखों में उम्मीद और सवाल थे, जिनका स्वागत डीसी ने आत्मीयता और मार्गदर्शन से किया।
एक दिन, कई अनुभव
इसके बाद बच्चों ने डीसी कार्यालय का दौरा किया, यहां उन्हें बताया कि एक डिप्टी कमिश्नर का दिन किस तरह की जिम्मेदारियों और फैसलों से भरा होता है। लोगों की समस्याएं सुनने से लेकर योजनाओं की निगरानी और आयोजन की तैयारियों तक, प्रशासन के हर पहलू की झलक उन्हें दिखाई गई।
उपायुक्त कार्यालय के बाद बच्चे सहायक कमिश्नर डॉ. अंकिता कांसल से भी मिले और उनकी भूमिका को समझा। इसके अलावा उन्हें सेवा केंद्र और सब रजिस्ट्रार कार्यालय में ले जाकर संपत्ति पंजीकरण और ई-गवर्नेंस प्रणाली की जानकारी दी गई। उन्होंने देखा कि कैसे एक अधिकारी केवल फाइलों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि खेल आयोजन जैसे सामुदायिक कार्यक्रमों की योजना और क्रियान्वयन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। डीसी कार्यालय में आयोजित एक बैठक में विद्यार्थियों ने आगामी क्रिकेट टूर्नामेंट की तैयारियों को लेकर प्रशासनिक प्रक्रिया नजदीक से जानी।
जब मिला लक्ष्य की ओर बढ़ने का हौसला
दिन के अंत में इन टॉपर्स ने डीसी कोमल मित्तल के साथ दोपहर का भोजन किया और मीडिया के सामने अपने अनुभव साझा किए। तीनों विद्यार्थियों ने एक स्वर में कहा कि यह दिन उनके जीवन की दिशा तय करने वाला रहा। उन्होंने पहली बार महसूस किया कि सिविल सेवा सिर्फ एक नौकरी नहीं, बल्कि समाज के लिए कुछ कर दिखाने का एक मंच है। भावना ने कहा कि डीसी मैम ने हमें न सिर्फ प्रशासनिक कार्य दिखाए, बल्कि यह भी सिखाया कि नेतृत्व क्या होता है। दिन का समापन इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस (आईएसबी) के दौरे के साथ हुआ, जहां बच्चों को उच्च शिक्षा और नेतृत्व निर्माण के नए रास्तों की जानकारी दी गई।