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खनन विभाग ने मुबारिकपुर क्रशर जोन में तीन स्क्रीनिंग प्लांट किए सील

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डेराबस्सी। मुबारिकपुर क्रशर जोन में बुधवार को खनन विभाग ने कार्रवाई करते हुए तीन स्क्रीनिंग प्लांट (रेत, बजरी और पत्थर अलग करने का स्थान) सील कर दिए। इनमें क्रशर एसोसिएशन के सीनियर उपप्रधान रणजीत सिंह तेजा का साहिबजादा स्क्रीनिंग प्लांट व उपप्रधान ब्रिज मोहन का सुपर स्क्रीनिंग प्लांट सहित एक अन्य प्लांट शामिल है जो लंबे समय से अवैध तौर पर चल रहा था। विभाग की इस कार्रवाई को क्रशर एसोसिएशन ने कथित तौर पर बदले की भावना से की गई कार्रवाई बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग खनन माफिया के दबाव में गुंडा टैक्स के खिलाफ संघर्ष का नेतृत्व कर रहे एसोसिएशन के अधिकारियों को निशाना बना रहा है ताकि भविष्य में वह इसका विरोध न कर सकें।
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क्रशर एसोसिएशन के प्रधान अमरजीत बांसल, सीनियर उपप्रधान रणजीत सिंह तेजा, उपप्रधान ब्रिज मोहन, पवन सैनी, बीबी गुप्ता सहित अन्य ने बताया कि लंबे संघर्ष के बाद गुंडा टैक्स बंद होने के साथ ही उनके खिलाफ केस दर्ज हुआ है। इसके साथ ही उन्होंने जांच टीम को खनन विभाग के अधिकारियों के नाम लेकर बयान भी दर्ज करवाए हैं। इसका बदला लेने व संघर्ष को दबाने के लिए विभाग बदले की कार्रवाई कर रहा है।
उन्होंने कहा कि पहले ही प्रधान अमरजीत बांसल का क्रशर सील किया गया था जो अभी तक नहीं खोला गया। इसके साथ ही अब सीनियर उपप्रधान व उपप्रधान के स्क्रीनिंग प्लांट सील कर दिए गए हैं जबकि उनके प्लांट पर नौ नवंबर को जांच की जा चुकी है और उन्होंने विभाग द्वारा मांगे सभी दस्तावेज भी जमा करवा दिए गए थे। जांच टीम में आए जांच अधिकारी व एसडीएम खरड़ हिमांशु जैन ने खनन विभाग से कोई भी क्रशर या स्क्रीनिंग प्लांट सील करने से पहले सात दिन का नोटिस देने का भरोसा दिया था पर ऐसा नहीं हुआ।
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बदले की भावना से नहीं की कार्रवाई : जिला खनन अफसर
इस बारे में जिला खनन अफसर गुरप्रीत सिंह ने बदले की कार्रवाई को सिरे से खारिज करते कहा कि तीन स्क्रीनिंग प्लांट में नारायण स्क्रीनिंग प्लांट की मंजूरी 30 जून को खत्म हो गई थी। वह गैर-कानूनी तरीके के साथ प्लांट चला रहा था। इसके अलावा सीनियर उपप्रधान व उपप्रधान के स्क्रीनिंग प्लांट को लेकर प्रशासन में पेश किए गए दस्तावेजों में काफी खामियां पाई गई हैं। उनके कच्चे माल का बिलों से मिलान नहीं होता। इस कारण उन्हें सील किया है। कार्रवाई करने से पहले नोटिस जारी करने के बारे में उन्होंने कोई तसल्लीबखश जवाब नहीं दिया।
कोट
खनन विभाग से पहले की गई कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी गई है। आज की गई कार्रवाई के बारे में भी जांच की जाएगी और अगर बदले की भावना के साथ कार्रवाई की गई होगी तो रिपोर्ट में जिक्र किया जाएगा। -हिमांशु जैन, एसडीएम खरड़
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