वीकली प्लानिंग स्टोरी
एजेंटों की लूट से मिलेगी राहत, ऑनलाइन हो पाएगा वाहनों का पंजीकरण
- जिले में आकर बसने वाले लोगों को वाहनों के पंजीकरण के लिए एजेंटों के पास धक्के नहीं खाने पड़ेंगे
अश्वनी कुमार।
मोहाली। दूसरे राज्यों से आकर जिले में बसने वाले लोगों को अपने वाहनों का स्थानीय पते पर पंजीकरण करवाने के लिए एजेंटों के पास धक्के नहीं खाने पड़ेंगे। अब लोग ऑनलाइन पोर्टल की मदद से दूसरे राज्यों के वाहनों का अपने स्थानीय पते पर पंजीकरण दर्ज करवा सकेंगे। यह जानकारी आरटीए सुखविंदर कुमार ने अमर उजाला के साथ साझा की है। उनका कहना है कि दूसरे राज्यों से एनओसी कटवाकर यहां दर्ज करवाने के लिए व्यक्ति के पास 6 महीने का समय होता हैं, जिसमें व्यक्ति आवेदन देकर अपने वाहन का स्थानीय पते पर पंजीकरण करवा सकता है।
जानकारी के मुताबिक आरटीए विभाग के दफ्तर में रोजाना सैकड़ों की संख्या में लोग दूसरे राज्यों के वाहनों को स्थानीय पते पर दर्ज करवाने को लिए पहुंचते हैं, लेकिन जानकारी न होने के चलते अक्सर एजेंटों के चक्कर में फंस जाते हैं और बाद में यहीं एजेंट लोगों से वाहनों का पंजीकरण करवाने के नाम पर हजारों रुपये की लूट करते हैं। दूसरी ओर, ऐेसे लोगों से एजेंट यह कहकर हजारों रुपये वसूल करते हैं कि दूसरे राज्यों से लाई गई एनओसी की समय सीमा एक महीना होती हैं, जिससे घबराकर अक्सर लोग एजेंटों की ओर से मुंह मांगी कीमत अदा करके अपने वाहनों का पंजीकरण स्थानीय पते पर करवाते हैं।
जानकारी के मुताबिक चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला में दूसरे राज्यों के लोग अपनी नौकरी और कारोबार के सिलसिले में यहां पहुंचते हैं और अधिकतर लोगों ने यहां घर खरीदकर पक्के तौर पर रहना शुरू कर दिया है। इसका असर यह हुआ है कि जिला मोहाली में रहने वाली आबादी ने लाखों का आंकड़ा पार कर लिया है। जबकि यहां आकर बसने वालों में हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, केरल, गुजरात और महाराष्ट्र राज्य से संबंधित हैं, जो अक्सर वाहनों को स्थानीय पते पर पंजीकरण करवाने के नाम पर एजेंटों के पास फंसकर मुश्किलों का सामना करते हैं। संवाद
एक नहीं छह महीने हैं समय सीमा
दूसरे राज्यों से एनओसी कटवाकर यहां आकर वाहनों का पंजीकरण करवाने के लिए समय सीमा एक महीना नहीं बल्कि छह महीने की होती है। इसके लिए लोग ऑनलाइन पोर्टल पर जानकारियां साझा करके आवेदन दे सकते हैं।
-सुखविंदर कुमार, आरटीए, मोहाली।