जीरकपुर। प्रॉपर्टी के रजिस्ट्रेशन के लिए जा रहे हैं तो जरा ध्यान दें। ब्लड रिलेशन संबंधी प्रॉपर्टी के मामलों में अभी रजिस्ट्री नहीं हो रही है। पंजाब सरकार ने इसके लिए मनाही कर दी है और जब तक आगामी आदेश नहीं आएंगे तब तक यह रजिस्ट्री नहीं हो सकेगी।
फिलहाल नगर काउंसिल के दफ्तर में सामान्य रजिस्ट्रेशन ही हो रही हैं।
रियल एस्टेट के गढ़ जीरकपुर में लॉकडाउन के बाद जब रजिस्ट्रेशन शुरू की गई तो उसमें कई नियम बना दिए गए हैं। ब्लड रिलेशन से संबंधित प्रॉपर्टी के ट्रांसफर के मामलों में अभी रजिस्ट्री नहीं करवाई जा रही है। इसका कारण है कि ऐसे मामले में परिजनों के साथ कम से कम पांच लोग और आते हैं।
ऐसी स्थिति में करीब दस से बारह लोग एक रजिस्ट्री के लिए आ जाते थे।
लॉकडाउन के पहले प्रतिदिन होती थीं 70 रजिस्ट्रेशन
लॉकडाउन के बाद अब तक 694 रजिस्ट्री की जा चुकी हैं। एक अधिकारी ने बताया कि बिल्डरों द्वारा भी नई जमीन की रजिस्ट्री करवाई जा रही है। हालांकि लॉकडाउन के पहले प्रतिदिन 70 रजिस्ट्री होती थीं जबकि लॉकडाउन के बाद 30 रजिस्ट्री प्रतिदिन का औसत है।
कोट्स
लॉकडाउन के बाद रजिस्ट्री की संख्या कम है। इसका कारण यह भी हो सकता है कि लोग नई प्रॉपर्टी अभी कम ले रहे हैं। अभी ब्लड रिलेशन के मामलों में रजिस्ट्री बंद की गई है, उसका भी थोड़ा प्रभाव रजिस्ट्री कम होने में भी हो सकता है। - वरिंदर धुत्त, नायब तहसीलदार
रजिस्ट्री के कम होना लॉकडाउन का एक प्रभाव हो सकता है लेकिन इसका यह अर्थ नहीं निकालना चाहिए कि लोगों की रुचि प्रापर्टी में कम हो गई
है। वास्तव में लॉकडाउन के बाद जो हवा चली कि प्रॉपर्टी सस्ती हो जाएगी, उसकी वजह से जो खरीदारी करना चाहते थे वह थोड़ा रुके हुए लगते हैं।
- हरीश गुप्ता, प्रधान, बिल्डर एसोसिएशन जीरकपुर