जीरकपुर। पटियाला लाइट पॉइंट के पास स्थित परमार पंप पर पानी मिला पेट्रोल डालने के कारण मंगलवार को हंगामा हुआ। वाहन मालिक पानी मिला पेट्रोल गाड़ियों से निकलवाकर पंप पर पहुंचे तो मैनेजर ने पेट्रोल में एथनोल मिक्स होने की बात कही। इसके बाद हंगामा बढ़ा तो लोगों के रुपये वापस कर मामला शांत करवाया। लोगों ने कहा कि ऐसे पेट्रोल पंप के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाना चाहिए जो पेट्रोल की जगह पानी बेच रहा है। हंगामा कर रहे लोगों में पेट्रोल पंप बंद करने की मांग भी की। राज कुमार चौहान निवासी लुधियाना ने बताया की वह दफ्तरी काम से चंडीगढ़ आया था। जब वापस जाने लगा तो उसने चंडीगढ़-अंबाला रोड पर स्थित परमार पेट्रोल पंप जो कि एचपी कंपनी का है। वहां से दो हजार रुपये का तेल डलवाया। करीब दो ढाई किलोमीटर आगे जाकर गाड़ी बंद हो गई। जब उन्होंने गाड़ी टो करके जीरकपुर स्थित एजेंसी में पहुंचाई तो मैकेनिक ने चेक करने के बाद बताया कि तेल की जगह पानी डाला हुआ है। इस कारण गाड़ी बंद हुई है। इसके बाद पानी मिला पेट्रोल गाड़ी से निकाल कर बोतल में डालकर दिया तो वह पेट्रोल पंप पहुंचे। इससे पहले दो एक्टिवा चालक भी इसी बात को लेकर पंप मैनेजर से झगड़ा कर रहे थे। इस दौरान झगड़ा कर रहे एक्टिवा चालक मुकीम, अबरार व निजाम ने बताया कि उन्होंने अपनी अपनी एक्टिवा में तेल डलवाया था। उनका वाहन थोड़ी दूर जाकर बंद हो गया। झगड़ा बढ़ता देख पेट्रोल पंप मैनेजर विरेंदर परमार ने सभी चालकों के रुपये वापस कर दिए। राज कुमार कार चालक ने कहा कि रुपये वापस देने से काम नहीं चलेगा। मेरे गाड़ी की रिपेयर का खर्च भी पंप को देना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग कंपनी का नाम भी खराब कर रहे हैं, ऐसे लोगों खिलाफ सख्त एक्शन होना चाहिए।
पेट्रोल में पानी नही बल्कि एथनोल है। यह हरेक पेट्रोल पंप द्वारा डाला जाता है। बरसात के कारण यह अलग-अलग दिखाई दे रहा है। इसके कारण समस्या आई है। लोगों के रुपये वापस कर दिए हैं। - वीरेंदर परमार, मैनेजर परमार पेट्रोल पंप।