जीरकपुर। शहर के विभिन्न क्षेत्रों में संरक्षित पशुओं की भरमार है। यह पशु शहर की विभिन्न सड़कों, गालियों और कॉलोनी में इधर-उधर झुंड बनाकर घूमते और बैठे जा सकते हैं। घूमते पशु जगह-जगह पर गंदगी भी फैलाते हैं। कई बार जब यह मवेशी आपस में भिड़ जाते हैं तो वहां वाहनों को भारी नुकसान पहुंचा देते हैं। कई बार तो पास से गुजरने वाले बुजुर्ग भी चोटिल हो जाते हैं। गलियों से गुजरने वाले लोग कई बार मवेशियों के झुंड को देखकर अपना रास्ता बदल लेते हैं। यह मवेशी वहां से आने-जाने वाले दो पहिया वाहन चालकों और गाड़ियों के मार्ग में भी रुकावट पैदा करते हैं। जीरकपुर के फ्लाईओवर के नीचे अक्सर ही पशु झुंड बनाकर खड़े देखे जा सकते हैं। यह अचानक सड़क पर आ जाते हैं, तो वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। स्थानीय लोगों की मांग है कि इन मवेशियों को पड़कर जल्द गोशाला पहुंचाया जाए।
गो-सेस वसूलना बंद रहे सरकार
करोड़ों रुपये का गो-सेस वसूलने के बावजूद भी सरकार लावारिस पशुओं की समस्या का समाधान नहीं कर सकी है। सरकार को या तो गो-सेस वसूलना बंद कर देना चाहिए अथवा इन मवेशियों को पूरी तरह से सड़कों से हटा देना चाहिए। - पंकज कुमार, स्थानीय निवासी।
गलियों में निकलना हो जाता है मुश्किल
जब यह पशु तंग गलियों में आ जाते हैं तो बच्चों और बुजुर्गों का बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है। अब तो बच्चों का बाहर गलियों में खेलने भी मुश्किल हो गया है। - इंद्रजीत विज, स्थानीय निवासी।
प्रशासन तुरंत कार्रवाई करे
शिवालिक विहार में घूमता सुरक्षित पशुओं का इतना बड़ा झुंड सरकार के दावों की पोल खोल रहा है। अपने दावों को सही सिद्ध करने के लिए प्रशासन को इस पर तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। - सोहन सिंह, स्थानीय निवासी।
शहर से आवारा पशुओं को पड़कर लगातार गोशाला पहुंचा जा रहा है। फिर भी किसी क्षेत्र में यह समस्या है तो ट्रैक्टर ट्राली वहां पर भेजकर इन्हें गोशाला पहुंचा दिया जाएगा। - रामगोपाल, सेनेटरी इंस्पेक्टर, नगर परिषद जीरकपुर।