नयागांव। सरकार के आदेश के बाद राजस्व विभाग की तरफ से पुराने रिकॉर्ड के अनुसार शामलात जमीन पर बने मकानों एवं जमीनों का इंतकाल बदलने का काम शुरू हो गया है। राजस्व विभाग के अधिकारियों के अनुसार इस काम में करीब 10 से 15 दिन का समय लगेगा। उसके बाद नयागांव में बसे हजारों लोगों से उनके आशियाने का मालिकाना हक छिन जाएगा।
अप्रैल में सुप्रीम कोर्ट की तरफ से स्टेट ऑफ हरियाणा वर्सेस जय सिंह एवं अन्य मामले में फैसला सुनाया था कि ग्राम पंचायत की शामलात, जुमला मुश्तरका मालिकाना जमीनों को दोबारा से ग्राम पंचायत के नाम किया जाए। क्योंकि इन जमीनों पर किसी का मालिकाना हक नहीं हो सकता है। न ही इन जमीनों को हिस्सेदारी के तौर पर बेचा जा सकता है। उसके बाद पंजाब सरकार की तरफ से पीछे बुलाए गए विधानसभा के विशेष सत्र में विलेज कॉमन लैंड एक्ट में संशोधन के साथ-साथ सुप्रीम कोर्ट के आदेशों को लागू करने की मंजूरी दे दी थी। उसके बाद से राजस्व विभाग की तरफ से सभी जिला उपायुक्तों को पत्र लिखकर यह काम जल्द से जल्द करने के आदेश दिए थे। अभी उप तहसीलदार माजरी की तरफ से एक पत्र जारी कर कानूनगो को निर्देश दिए हैं कि जल्द से जल्द ऐसी जमीनों के इंतकाल ग्राम पंचायत या नगर काउंसिल के नाम किए जाएं। विभाग के अधिकारियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि इस मामले में कार्रवाई शुरू कर दी गई है। 10 से 15 दिनों के अंदर-अंदर इलाके की इस प्रकार की सभी जमीनों का इंतकाल नगर काउंसिल के नाम पर कर दिया जाएगा। विभाग के सूत्रों की मानें तो नगर काउंसिल नयागांव में गांव करोरा की शामलात जमीन आती है। जो कि करीब 23000 कनाल की है। लेकिन अब इसमें बहुत ज्यादा हिस्सेदार होने के कारण इस काम को पूरा करने में इतना समय लग रहा है।
कोट
सरकार के आदेशों के मुताबिक जो जमीन पुराने रिकॉर्ड में शामलात की थी। उन सभी जमीनों के इंतकाल रद्द कर दोबारा से ग्राम पंचायत के नाम किया जाएगा। इस तरह की जमीनों की पहचान की जा रही है। जल्द से जल्द उनके इंतकाल ग्राम पंचायत एवं नगर काउंसिल के नाम कर दिए जाएंगे। -कर्मजीत सिंह, नायब तहसीलदार माजरी