मोहाली। कोरोना महामारी की वजह से लगाए गए मिनी लॉकडाउन की वजह से जिले के दुकानदार काफी प्रभावित हो रहे हैं। सरकार ने केवल जरूरी चीजों की दुकानें खोलने की अनुमति दी है। जबकि जिन लोगों ने अन्य सामान की दुकानें खोली हैं, उनके सामने नया संकट पैदा हो गया। मुलाजिमों का वेतन से लेकर अन्य खर्चे निकालने मुश्किल हो रहे हैं।
इस मामले में बुधवार को व्यापार मंडल के बैनर तले व्यापारियों ने डीएसपी सिटी-1 गुरशेर सिंह सिद्धू से मीटिंग की। उन्होंने मांग की है कि या तो सरकार सभी दुकानें खोलने की अनुमति दे या फिर लोगों की आवाजाही पर पूर्ण तौर से रोक लगाकर लॉकडाउन लगा दे।
दुकानदारों ने कहा कि सरकार ने जरूरी वस्तुओं के नाम पर शराब ठेके खोलने की अनुमति दे दी है। किताबों और स्टेशनरी की दुकानें बंद करवा दी हैं। इस पर व्यापारियों को एतराज है कि सरकार अपने दफ्तर तो खोल रही है। जबकि निजी दफ्तरों को बंद करवा रही है। ऐसा करके सरकार आम व्यापारियों के साथ धक्केशाही कर रही है। व्यापार मंडल के प्रधान विनीत वर्मा और महासचिव सरबजीत सिंह पारस की अगुवाई में दुकानदारों ने डीएसपी सिटी-1 को सरकार के नाम एक मांग पत्र भी सौंपा है। साथ ही इस संबंधी उचित कार्रवाई की मांग की है।
200 से अधिक व्यापारी कर चुके रोजगार बंद
व्यापारियों ने बताया कि जब सेे कोरोना काल शुरू हुआ है, तब से सरकार की नीतियों की वजह से मोहाली शहर में ही दो सौ से अधिक दुकानें बंद हो चुकी हैं। इसमें कई नामी कंपनियों के शोरूम हैं। अगर यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है तो हालात खराब हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार को बेहतर योजना बनाकर काम करना चाहिए। जिससे किसी के लिए रोजगार का संकट पैदा न हो। क्योंकि एक दुकान पर पांच से छह परिवारों का घर का खर्च निर्भर करता है।