मोहाली। वीआईपी जिले में कोरोना महामारी और ब्लैक फंगस के मरीजों को बचाने के लिए जिला प्रशासन ने पूरी ताकत झोंक दी है। इसके मद्देनजर अब फेज-6 स्थित मेडिकल कॉलेज में 26 बेड का एक स्पेशल वार्ड बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है। इसके साथ ही अस्पताल में 300 बेड का इंतजाम करने का काम भी पहले से ही जोरों पर चल रहा है।
वहीं, अधिकारियों ने कोविड सेंटर का जाया भी लिया है। इस बारे में मेडिकल कॉलेज के डायरेक्टर ऑफ प्रिंसिपल भवनीत भारती की ओर से अस्पताल में 26 बेड की व्यवस्था की जा रही है। कोशिश है कि जल्द से जल्द वेंटिलेटर चलाए जाएं। हालांकि अस्पताल में वेंटिलेटर लगाने के लिए पर्याप्त वातावरण नहीं हैं, फिर भी टीमें काम में जुटी हुई हैं। साथ ही हमें अस्पताल में 300 बेड की सुविधा जल्द शुरू करनी है। इसके अलावा सेना की ओर से भी 100 बेड के अस्थायी अस्पताल की व्यवस्था की जा रही है। सेना के अस्पताल को मेट शिफ्ट का नाम दिया गया है। जिसकी सुविधा अस्पताल से बाहर की जाएगी।
सिविल सर्जन आदर्शपाल कौर ने बताया कि शुरू से ही केंद्र सरकार की और से हमें को-वैक्सीन कम दी गई, जबकि कोविशील्ड अधिक मात्रा में पहुंची। इसके साथ ही को-वैक्सीन कम होने के कारण दूसरी डोज के लिए हफ्ते में दिन मंगलवार और शुक्रवार ही रखे गए हैं, क्योंकि पहली डोज के रूप में हमारे पास को-वैक्सीन नहीं है।
सेहत विभाग का फोकस अब गांवों पर भी
मोहाली की सिविल सर्जन ने बताया कि मिशन फतेह के तहत गांव तक वैक्सीन पहुंचाने के लिए मुहिम शुरू की गई है। इसके लिए हमारी टीम गांव में पहुंच कर सभी की कोरोना जांच कर रही हैं। कोई कोरोना संक्रमित मिलता है तो उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती करवाया जाएगा। सभी का आरएनटी स्टाफ द्वारा सैंपल लिया जाएगा साथ ही आरटीपीसीआर टेस्ट भी किया जाएगा।