मोहाली। पीआर-6 सड़क से जुड़ी जमीन की बिक्री को लेकर मोहाली में विवाद गहराता जा रहा है। कमेटी ऑफ रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन्स एंड सोसाइटीज़ (कोरवास) के नेताओं ने इस मामले में पंजाब सरकार से कड़ी कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में मुख्यमंत्री भगवंत मान और डीजीपी पंजाब को पत्र लिखकर टीडीआई बिल्डर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और विजिलेंस जांच की मांग की गई है।
कोरवास के नेताओं राजविंदर सिंह, पाल सिंह रत्तू, भूपिंदर सिंह सैनी, समीक्षा सूद, सुखजिंदर सिंह, एडवोकेट गौरव गोयल और अनिल पराशर ने आरोप लगाया है कि पीआर-6 सड़क की जमीन, जो सीएलयू और सेक्शन 11 के अंतर्गत आ चुकी थी, उसे बिल्डर ने अपने करीबी रिश्तेदारों को बेच दिया। उनका कहना है कि इस प्रक्रिया के जरिए अधिक मुआवजा प्राप्त किया गया, जिससे सरकार को स्टांप ड्यूटी के रूप में नुकसान हुआ।
रेवेन्यू और गमाडा अधिकारियों की भूमिका पर उठे सवाल
नेताओं का आरोप है कि यह पूरा मामला एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा है। उन्होंने आशंका जताई कि इसमें रेवेन्यू विभाग और गमाडा के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत भी हो सकती है। कोरवास ने सरकार से मांग की है कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय विजिलेंस जांच करवाई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह के मामलों पर रोक लगाई जा सके।