फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पैरी हत्याकांड में बड़ा खुलासा: हत्या की जिम्मेदारी वाली पोस्ट का आईपी एड्रैस स्पेन का, पुलिस ने शुरू की जांच

Mon, 15 Dec 2025 02:01 AM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़

सार

चंडीगढ़ पुलिस अब तक गैंगस्टरों और आतंकियों के नाम से चल रहे 1500 से अधिक सोशल मीडिया अकाउंट बंद करवा चुकी है, इसके बावजूद नए अकाउंट बनाकर आपराधिक पोस्ट डाली जा रही हैं।
विज्ञापन
इंद्रप्रीत सिंह उर्फ पैरी की फाइल फोटो - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

चंडीगढ़ सेक्टर-26 में इंद्रप्रीत सिंह उर्फ पैरी हत्याकांड में जांच के दौरान बड़ा तकनीकी खुलासा हुआ है। हत्या की जिम्मेदारी लेने के लिए सोशल मीडिया पर डाली गई पोस्ट का आईपी एड्रेस स्पेन का निकला है। चंडीगढ़ पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इसकी पुष्टि की है। 
विज्ञापन


यह पोस्ट गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से जुड़े हरी बॉक्सर और आरजू बिश्नोई के नाम से बने सोशल मीडिया अकाउंट से डाली गई थी, जिसमें पैरी की हत्या करवाने का दावा किया गया था।

पुलिस अब यह जांच कर रही है कि पोस्ट डालने वाले आरोपी वास्तव में विदेश में मौजूद हैं या फिर भारत में बैठकर वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (वीपीएन) के जरिए आईपी एड्रेस छिपाया गया। साइबर विशेषज्ञों के मुताबिक, आईपी एड्रेस का विदेश का होना यह जरूरी नहीं दर्शाता कि आरोपी वहीं मौजूद हों। कई मामलों में वीपीएन के जरिए फर्जी लोकेशन दिखाई जाती है जिससे जांच एजेंसियां गुमराह हो जाती हैं।
विज्ञापन


पुलिस सूत्रों के अनुसार पैरी की हत्या के कुछ ही समय बाद सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी का दावा किया गया। यह ट्रेंड अब लगातार सामने आ रहा है जहां गैंगस्टर हत्या, रंगदारी और धमकियों को लेकर फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म को खुले मंच की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं। तकनीकी जटिलताओं और विदेशी सर्वरों के कारण आरोपियों तक पहुंचना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। 

वीपीएन बन रहा जांच में सबसे बड़ी बाधा

साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि वीपीएन असली आईपी एड्रेस को छिपाकर वर्चुअल लोकेशन दिखाता है। कई वीपीएन ऐसे हैं जिनमें आईपी एड्रेस बार-बार बदलता रहता है जिससे जांच एजेंसियों के लिए असली लोकेशन तक पहुंचना बेहद मुश्किल हो जाता है। आशंका है कि पैरी हत्याकांड से जुड़ी पोस्ट भी इसी तकनीक के जरिए डाली गई हो।

पोस्ट डिलीट होते ही तकनीकी सबूत गायब

साइबर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि गैंगस्टर पोस्ट डालने के कुछ ही देर बाद उसे डिलीट कर देते हैं। जब तक पुलिस सोशल मीडिया कंपनियों से तकनीकी डाटा मांगती है, तब तक अहम सबूत मिट चुका होता है। यदि वीपीएन का इस्तेमाल न हो तो आरोपी तक तुरंत पहुंचा जा सकता है।

पाकिस्तान से सोशल मीडिया पर धमकियां जारी

इस बीच पाकिस्तान में बैठे कुख्यात गैंगस्टर शहजाद भट्टी की सोशल मीडिया गतिविधियां भी पुलिस के रडार पर हैं। भट्टी हथियारों के साथ वीडियो पोस्ट कर लॉरेंस और अनमोल बिश्नोई को लगातार धमकियां दे रहा है। मार्च 2025 में उसके कहने पर जालंधर में यू-ट्यूबर रोजर संधू के घर पर ग्रेनेड हमला भी किया गया था।


अपराधी विदेश में बैठकर या वीपीएन का इस्तेमाल कर सोशल मीडिया पर पोस्ट और ऑडियो वायरल कर रहे हैं। जांच में सामने आया है कि कई पोस्टों के आईपी एड्रेस विदेशों से संचालित हो रहे हैं। -पुष्पेंद्र कुमार, आईजी, चंडीगढ़
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें