मोहाली। फेज-6 स्थित वेरका मिल्क प्लांट के बाहर किसान यूनियन लखोवाल और पंजाब के दूध उत्पादकों की ओर से तीसरे दिन भी भूख हड़ताल जारी रखी गई। इस मौके पर किसानों ने केंद्र सरकार का पुतला फूंका और सड़क पर दूध गिराकर रोष प्रकट किया।
इस अवसर पर भारतीय किसान यूनियन लखोवाल मोहाली के प्रधान जसपाल सिंह नियांमिया और ज्ञान सिंह धड़ाक, सिमरनजीत सिंह राणा ने बताया कि दूध उत्पादन से किसानों को काफी फायदा होता है। पानी बचाने का बड़ा प्रावधान डेयरी सेक्टर है। वहीं पंजाब सरकार और केंद्र सरकार की ओर से दूध उत्पादक किसानों की अनदेखी की गई है। उन्होंने कहा कि हर तरफ नकली दूध और उससे बने पदार्थों की भरमार है। वहीं किसान की मेहनत के साथ खिलवाड़ भी है।
कोरोना के चलते पिछले दो साल से दूध के दाम घटे हैं और किसान का खर्च बढ़ा है। पशु पालक बड़े घाटे में डेयरी चला रहे हैं। केंद्र सरकार ने प्राइवेट उद्योगपतियों को फायदा देते हुए, दूध कारोबारियों की समस्याओं की अनदेखी की है। हमारी मांग है कि नकली दूध बेचने वालों के खिलाफ सख्त कानून बनाए जाएं। वहीं, कोरोना के चलते जिन दूध उत्पादकों को नुकसान हुआ है उन्हें विशेष पैकेज दिए जाएं।
इस मौके पर जमा हुए किसानों की ओर से मिल्क प्लांट के बाहर नारेबाजी की गई। वहीं बीकेयू लखोवाल मोहाली के प्रधान जसपाल सिंह नियांमिया, बूटा सिंह, हरनेक सिंह, हरविंदर सिंह, हरजोत सिंह सराव आदि किसानों की ओर से मिल्क प्लांट के आगे केंद्र सरकार का पुतला फूंका गया। इसके साथ ही जसपाल नियांमिया ने कहा है कि मंगलवार को 12 से 2 बजे तक मिल्क प्लांट का दरवाजा बंद किया जाएगा, साथ ही प्लांट के प्रबंधकों का पुतला भी फूंका जाएगा। ऐसे में अगर प्लांट के प्रबंधकों की ओर से मांगें नहीं मानी गई तो रोष प्रदर्शन तेज किया जाएगा।