मोहाली। सोहाना के एक होटल में बुधवार सुबह फंदे पर झूले दंपती के मामले के पीछे क्या वजह थी, इसके बारे में पुलिस को अब तक कुछ पता नहीं चल सका है। उधर, युवती की पीजीआई में हालत ठीक नहीं होने के चलते पुलिस उसका बयान दर्ज नहीं कर पाई। अभी उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
घटना की सूचना मिलने के बाद वीरवार को मृतक दीपक और युवती के परिजन मोहाली पहुंचे। उधर, छिजारसी (पिलखुवा) जिला हापुड़ से आए मृतक दीपक के परिवार के सदस्यों के पुलिस ने बयान दर्ज करते हुए 174 की कार्रवाई कर शव सौंप दिया। मामले की जांच देख रहे अधिकारी एएसआई अमरीक सिंह ने बताया कि दीपक ड्राइवर था। 30 जुलाई को दीपक युवती के साथ अचानक घर से फरार हो गया था। तीन अगस्त को सुबह दंपती ने फंदा लगाकर आत्महत्या करने की कोशिश की। इस दौरान दीपक की मौत हो गई। वहीं लड़की के चिल्लाने की आवाज सुनकर स्टाफ ने दरवाजा तोड़ दिया और अंदर जाकर देखा तो फंदा टूटने के कारण युवती जमीन पर जख्मी हालत में पड़ी थी।
युवक-युवती के परिजनों के बयान दर्ज
मृतक दीपक के परिजन जय सिंह व रिश्तेदार सुबह मोहाली फेज-6 स्थित अस्पताल में पुलिस के साथ पहुंचे। वहां पोस्टमार्टम के बाद शव परिवार को सौंप दिया गया। एएसआई अमरीक सिंह ने बताया कि युवती और युवक दोनों के पिता के बयान दर्ज करने के बाद परिजनों को शव सौंप दिया। दोनों के भागने के बाद गाजियाबाद की पुलिस ने परिजनों की शिकायत पर केस दर्ज किया था इसलिए आगे की कार्रवाई वह करेगी।