मोहाली। शेयर ब्रोकिंग कंपनी विक्सन सिक्योरिटीज प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े कथित धोखाधड़ी मामले में एक निवेशक देवी दयाल तयाल को बड़ी राहत मिली है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की अदालत ने निचली अदालत के 24 अगस्त 2021 के आदेश को रद्द करते हुए निवेशक के फंड और शेयर जारी करने के निर्देश दिए हैं।
देवी दयाल तयाल ने रिवीजन याचिका में बताया कि उनके फंड और शेयर अलग खाते में रखे गए थे और उनका इस कथित घोटाले से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने अदालत से मांग की थी कि उन्हें उनके निवेश को जारी किया जाए।
अदालत ने पाया कि निचली अदालत ने तथ्यों का सही मूल्यांकन नहीं किया। आदेश में कहा गया कि निवेशक को फंड और शेयर के उपयोग से वंचित नहीं किया जा सकता, खासकर जब उसका आरोपियों से कोई सीधा संबंध नहीं है।
अदालत ने संबंधित प्राधिकरणों को निर्देश दिए कि निवेशक के फंड और शेयर उचित पहचान और प्रक्रिया के बाद जारी किए जाएं। बैंक खाते में जमा राशि भी उचित जमानत के बाद जारी करने के आदेश दिए गए हैं। इस फैसले के बाद निवेशक को बड़ी राहत मिली है और अन्य निवेशकों के लिए भी उम्मीद जगी है।