मोहाली। नगर निगम की बैठक बुधवार को होगी। बैठक में शहर की स्टॉर्म और सीवर लाइनों से जुड़े दो महत्वपूर्ण प्रस्ताव पेश होंगे। दोनों प्रस्तावों का सीधा संबंध शहर की स्वच्छता, जल-निकासी व्यवस्था और बरसात के दिनों में जलभराव जैसी समस्याओं से है। सबसे खास बात यह है कि दोनों प्रस्तावों में डिसिल्टिंग और रिपेयर कार्यों की लागत में करीब डेढ़ करोड़ रुपये की बढ़ोतरी का प्रावधान शामिल है। यह बढ़ी हुई राशि अब अंतिम अनुमोदन के लिए हाउस के सामने रखी जाएगी।
पहला प्रस्ताव : डिसिल्टिंग कार्यों पर बढ़ा खर्च
नगर निगम की इंजीनियरिंग शाखा की रिपोर्ट के अनुसार, जोन नंबर-1, 2 और 3 की स्टॉर्म लाइनों की डिसिल्टिंग का कार्य 90 से 95 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है। डिसिल्टिंग यानी नालों और पाइपों से गाद और गंदगी निकालने की प्रक्रिया। यह काम शहर में जल निकासी व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए बेहद जरूरी है। हालांकि रिपोर्ट में कहा गया है कि अब भी कई जगह ब्लॉकेज बनी हुई है। इन ब्लॉकेज को हटाना आवश्यक है, वरना बरसात के मौसम में फिर से जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इसी कारण ठेकेदार ने 25 प्रतिशत अतिरिक्त लागत का प्रस्ताव रखा है। इस बढ़ोतरी से निगम पर 48.59 लाख रुपये का अतिरिक्त बोझ आएगा। इस प्रस्ताव को पहले ही वित्त और ठेका समिति द्वारा मंजूरी दी जा चुकी है। अब इसे हाउस से अंतिम हरी झंडी मिलनी बाकी है।
दूसरा प्रस्ताव : मरम्मत और पुनर्निर्माण पर जोर
दूसरा प्रस्ताव जोन 1, 2, 4 और ए रोड्स से जुड़ा है। इसमें ब्रिक डार्ट, सीवर और स्टॉर्म लाइनों की मरम्मत तथा रोड गली के पुनर्निर्माण का काम शामिल है। अधिकारियों ने बताया कि यह काम भी 80 से 85 प्रतिशत पूरा हो चुका है। लेकिन हाल ही में हुई भारी बारिश ने हालात बिगाड़ दिए। शहर की कई लाइनों को नुकसान पहुंचा है और विभिन्न जगहों पर सड़कें धंस गईं या बड़े-बड़े गड्ढे बन गए। इन हालात से निपटने के लिए इंजीनियरिंग विभाग ने 25 प्रतिशत अतिरिक्त लागत की सिफारिश की है। इस बढ़ोतरी से नगर निगम पर 91.87 लाख रुपये का अतिरिक्त खर्च आएगा। यदि यह कार्य नई टेंडर प्रक्रिया के जरिए कराया जाता, तो तीन से चार महीने की देरी हो सकती थी। ऐसे में नागरिकों को लंबे समय तक दिक्कतों का सामना करना पड़ता। इसलिए मौजूदा ठेकेदार को ही बढ़ी हुई लागत पर काम जारी रखने की अनुमति देने का प्रस्ताव रखा गया है।