मोहाली। कोरोना संकट के बीच प्राइवेट स्कूल फीस और फंड जमा करने की ताक में हैं। लॉकडाउन के दौरान परिजनों से फीस की वूसली के लिए दबाव बनाया जा रहा था, लेकिन अब प्राइवेट स्कूल ऐसा नहीं कर सकेंगे। शिक्षा विभाग पहले ही स्कूलों को फीस री-शैड्यूल करने के आदेश दे चुका है। लॉकडाउन के दौरान ही प्राइवेट स्कूलों ने पेरेंट्स को एसएमएस कर फीस जमा करने के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया था। जिसकी शिकायत के बाद डीसी ने वीरवार को आदेश जारी कर स्कूलों को स्पष्ट हिदायत दे दी है।
मोहाली के कई प्राइवेट स्कूल ने लॉकडाउन के दौरान ही फीस जमा करवाने के लिए अप्रैल के पहले हफ्ते में आखिरी तारीख निर्धारित कर दी थी। वहीं, कई स्कूल पेरेंट्स पर अप्रैल और मई की फीस जमा करवाने के लिए दबाव बना रहे थे। प्राइवेट स्कूलों की इस हरकत की शिकायत डीसी को की गई। जिसके बाद वीरवार को डीसी ने अकादमिक सत्र-2020-21 के दौरान उसी स्कूल में पढ़ाई जारी रखने वाले स्टूडेंट्स की दाखिला प्रक्रिया व फीस वसूली पर अगले आदेशों तक रोक लगा दी है।
डीसी ने कहा कि संकट की इस घड़ी में प्राइवेट स्कूल सामाजिक जिम्मेदारी नहीं निभा रहे हैं। स्कूल प्रबंधन को समझना चाहिए कि परिजन और स्टूडेंट्स इस समय किन मुश्किलों का सामना कर रहे हैं। महामारी की स्थिति को ध्यान में रखते हुए सभी मान्यता प्राप्त प्राइवेट स्कूलों को एडमिशन फीस की अदायगी के लिए दोबारा तारीख निर्धारित करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि आखिरी तारीख हालात सामान्य होने के एक महीने बाद की निर्धारित की जाए। इसके साथ ही स्कूल किसी तरह का जुर्माना वसूल नहीं करेंगे। डीसी ने बताया कि अगर अब किसी भी स्कूल की शिकायत प्रशासन को मिली तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिन परिजनों ने पहले ही फीस जमा करवा दी है, उन्हें रिफंड नहीं मिलेगा।