मोहाली। नजदीकी गांव झांमपुर और बहलोलपुर में खेतीबाड़ी की जमीन पर अवैध कॉलोनियां काटने का मामला ठंडा भी नहीं पड़ा था, कि अब खरड़ के नजदीक स्थित गांव सहौड़ा में अवैध कॉलोनी काट दी गई है। इस अवैध कॉलोनी को काटने वाला आरोपी बिल्डर यहां पर सड़कें बनाकर सीवरेज लाइन भी बना रहा था। इसके बाद यहां पर प्लॉट काटने की प्रक्रिया की जानी थी। इससे पहले ही बुधवार को गमाडा को इस अवैध कॉलोनी की जानकारी मिल गई। इसके बाद गमाडा की टीम ने मौके पर पहुंचकर तुरंत कार्यवाही करते हुए यहां बनाई गई सड़कों को जेसीबी मशीन से तोड़ दिया और सीवरेज लाइन बिछाने का ढांचा भी ध्वस्त कर दिया है। वहीं, इस मामले में कार्रवाई करने के लिए पुलिस को भी शिकायत द दी है। गमाडा के एससीए राजेश धीमान के आदेश पर यह कार्रवाई की गई है और अवैध निर्माण गिराने की पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी करवाई गई है।
जानकारी के मुताबिक जिले में अवैध निर्माण को लेकर गमाडा की टीम पूरी तरह सख्त हो गई है। बुधवार को गमाडा को सूचना मिली थी कि गांव सहौड़ा में एक बिल्डर की ओर से अवैध कॉलोनी काटी जा रही है। साथ ही वहां पर कई तरह के काम पूरे जोरों पर चल रहे हैं। इसके बाद गमाडा की टीम एसडीईओ हरप्रीत सिंह की अगुवाई में सहौड़ा पहुंच गई। साथ ही कॉलोनी में बनाई जा रही सड़कों को तोड़ दिया गया और यहां पर डाली जा रही सीवरेज लाइन के ढांचे को भी ध्वस्त कर दिया गया।
इसके साथ ही आरोपी बिल्डर को हिदायत दी गई है कि वह यहां पर निर्माण कार्य न करे। वहीं, बिल्डर किसी भी तरह की कोई गड़बड़ी न कर पाए, इसलिए गमाडा ने पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी करवाई गई। वहीं, इस बारे में पुलिस को सूचित कर दिया गया है। एसडीओ हरप्रीत सिंह ने कहा कि किसी को भी नियम तोड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी। ऐसे अवैध निर्माण के खिलाफ गमाडा की कार्रवाई भविष्य में भी चलती रहेगी।
बाहरी राज्यों के लोगों को बनाते हैं शिकार
अब तक जिन अवैध कॉलोनियों के खिलाफ गमाडा ने कार्रवाई की है, वे सभी खेतीबाड़ी की जमीन में काटी जा रही थीं। जबकि ऐसा करना कानूनी अपराध है। सूत्रों के मुताबिक आरोपी बिल्डर बड़े शातिर तरीके से बाहरी राज्यों के लोगों को अपनी बातों में फंसाते हैं। इसके बाद लोग इनकी बातों में आकर प्लॉट ले खरीद लेते हैं। ऐसी स्थिति पहले भी गांव झांमपुर और बहलोलपुर में सामने आ चुकी है। हालांकि गमाडा के निर्माण गिराने के बाद बिल्डर दोबारा मकानों का अवैध निर्माण करवाने का प्रयास करते हैं।
लोगों को झूठे सपने दिखाकर फंसाते हैं
जानकारी के मुताबिक चंडीगढ़ और पंचकूला में रहने वाले कई नामी बिल्डर भी चंडीगढ़ से सटे गांवों में जमीन खरीदकर निर्माण कर रहे हैं। ऐसे लोगों की दलील यह रहती है कि जब गमाडा अन्य निर्माणों को स्थायी (रेगुलर) करेगा तो उनके निर्माण भी स्थायी हो जाएंगे। वहीं, बिल्डर भी उन्हें यही दिलासा देते हैं। कई बार तो गमाडा की ओर से लगाए गए अवैध कॉलोनी के होर्डिंग तक तोड़ दिए जाते हैं।