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आतंकी साजिश: इकबाल सिंह के अंगूठे की वैज्ञानिक जांच को मोहाली कोर्ट की मंजूरी

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मोहाली। आतंकी साजिश से जुड़े एक मामले में आरोपी इकबाल सिंह के अंगूठे की वैज्ञानिक जांच का रास्ता साफ हो गया है। मोहाली की एक अदालत ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के आवेदन को स्वीकार कर लिया है। इसके तहत वीडियो वाली सामग्री एमआर-242 को केंद्रीय फोरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (सीएफएसएल) चंडीगढ़ भेजा जाएगा।
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सीएफएसएल में इस सामग्री की जांच की जाएगी। वीडियो में दिख रहे अंगूठे की तस्वीरों का आरोपी इकबाल सिंह के अंगूठे से मिलान किया जाएगा। एनआईए ने अदालत को बताया कि छह अगस्त 2026 के आदेश के तहत इकबाल सिंह को शारीरिक जांच के लिए सीएफएसएल में पेश करने की अनुमति मिली थी। सीएफएसएल चंडीगढ़ के निदेशक को आरोपी के दाहिने हाथ के अंगूठे की नमूना तस्वीरें लेने के निर्देश दिए गए थे। इन तस्वीरों का वैज्ञानिक उपकरणों की मदद से मिलान किया जाना है। एमआर-242 में मौजूद वीडियो 22 जनवरी 2021 की सीएफएसएल चंडीगढ़ की जांच रिपोर्ट का हिस्सा है। यह सामग्री अदालत की संपत्ति है और एनआईए के मालखाने में सीलबंद रखी है। इस जांच रिपोर्ट को मामले की आगे की कानूनी कार्रवाई में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।



मामले की पृष्ठभूमि

यह मामला 25 अप्रैल 2020 को अमृतसर में शुरू हुआ था। पुलिस ने हिलाल अहमद शेरगोजरी को 29 लाख रुपये की नकदी के साथ गिरफ्तार किया था। एनआईए के अनुसार, हिलाल प्रतिबंधित आतंकी संगठन हिज्बुल मुजाहिदीन का ओवर ग्राउंड वर्कर था। वह तत्कालीन कमांडर रियाज अहमद नाइकू का करीबी सहयोगी था।
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नार्को-टेरर नेटवर्क का आरोप

एनआईए की जांच में यह मामला केवल नकदी बरामदगी तक सीमित नहीं रहा। एजेंसी ने आरोप लगाया कि यह एक बड़े नार्को-टेरर नेटवर्क का हिस्सा था। इसमें पाकिस्तान से पंजाब में हेरोइन की तस्करी शामिल थी। हेरोइन की बिक्री से मिली रकम हवाला के जरिये हिज्बुल मुजाहिदीन के आतंकियों तक पहुंचाई जाती थी। इस मामले में इकबाल सिंह सहित कई अन्य आरोपी भी शामिल हैं।
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