बारिश और गंदगी के बीच नवजात शिशुओं और बुजुर्गों सहित अन्य मरीजों को होती है भारी परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
मोहाली। फेज-6 के सिविल अस्पताल में सोमवार को हुई तेज बारिश के कारण पैथोलॉजी विभाग के कमरे की छत टपकने लगी। इसके चलते मरीजों की जांच और खून के सैंपल लेने वालों को काम खुले में करना पड़ा। बारिश और गंदगी के बीच नवजात शिशुओं और बुजुर्गों सहित अन्य मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। अस्पताल के पैथोलॉजी विभाग के जांच कक्ष में पानी भरने से अंदर जांच करना संभव नहीं था। मरीजों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था के तहत खुले स्थान पर जांच की गई। इस दौरान जांच करवाने आए मरीज और उनके परिजन बारिश से बचने के लिए इधर-उधर खड़े दिखे। नवजात शिशुओं और बुजुर्गों को विशेष रूप से कठिनाई हुई। परिजनों ने बताया कि छोटे बच्चों और बुजुर्गों को बारिश और गंदगी के बीच खड़ा रखना बेहद मुश्किल था। मरीजों ने अस्पताल प्रशासन से साफ और सुरक्षित जगह पर जांच की व्यवस्था करने की मांग की।
मरीजों की परेशानी और मांग
जांच करवाने आए मरीजों को बारिश और गंदगी के बीच अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा। फेज-7 निवासी अरुण ने बताया कि खून की जांच के लिए साफ और सुरक्षित जगह नहीं मिल रही थी। उन्होंने कहा कि नवजात बच्चों और बुजुर्ग मरीजों को ऐसी स्थिति में सबसे ज्यादा परेशानी हुई। मटौर निवासी शकील ने भी खुले में सैंपल लेने से हुई परेशानी पर चिंता जताई है। उन्होंने प्रशासन से जांच के लिए सुरक्षित और ढकी हुई जगह उपलब्ध कराने की मांग की।
अस्पताल प्रशासन का स्पष्टीकरण
सिविल अस्पताल फेज-6 के मेडिकल ऑफिसर पैथोलॉजी परमिंदर संधू ने इस समस्या की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि तेज बारिश के कारण पैथोलॉजी जांच वाले कमरे की छत से पानी गिर रहा था। कमरे में पानी आने की वजह से वहां जांच करना संभव नहीं था। इसलिए मरीजों की जांच प्रक्रिया को वैकल्पिक स्थान पर करना पड़ा।