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Mohali News: कुत्तों से दहशत, बच्चों का घर से निकलना हुआ मुश्किल, हमला कर लोगों को कर रहे घायल

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जीरकपुर। शहर की चौधरी कॉलोनी और एनके शर्मा रोड पर कुत्तों का आतंक बढ़ गया है। रात होते ही इन इलाकों में कुत्तों के भौंकने और रोने की आवाजें गूंजती हैं। नगर परिषद ने दो हजार कुत्तों की नसबंदी का लक्ष्य रखा है, जिसमें से अब तक करीब पांच सौ कुत्तों की नसबंदी की जा चुकी है। स्थानीय लोग दहशत में हैं। बच्चों का अकेले घर से निकलना मुश्किल हो गया है। कुत्तों के झुंड दिन-रात सड़कों पर घूमते रहते हैं। कई बार इनकी संख्या एक दर्जन से अधिक हो जाती है। इस आतंक के कारण लोग रात में डंडा लेकर घर से निकलने को मजबूर हैं। कुत्तों ने कई लोगों को काटकर घायल किया है। दोपहिया वाहन चालकों के पीछे दौड़ने से दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहता है। अभिभावक बच्चों को अकेले बाहर भेजने से डरते हैं।
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क्षेत्र में खाली पड़े प्लॉटों में फेंका जा रहा घरेलू कूड़ा भी समस्या को बढ़ा रहा है। कुत्ते कूड़े के लिफाफे सड़क पर बिखेर देते हैं, जिससे गंदगी और दुर्गंध फैलती है। रात के समय इनके लगातार रोने और भौंकने से बुजुर्गों और बच्चों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। लोगों का कहना है कि प्रशासन को केवल नसबंदी तक सीमित न रहते हुए आवारा कुत्तों की समस्या का स्थायी समाधान करना चाहिए।






खाली प्लॉट बने कुत्तों और गंदगी का अड्डा चौधरी कॉलोनी के आगे खाली प्लॉट में लोग घरों का कूड़ा फेंक देते हैं। कुत्ते कूड़े को सड़क पर बिखेरकर गंदगी फैला देते हैं। इससे बीमारियां फैलने का खतरा भी बना रहता है। प्रशासन को इस समस्या पर तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए। -पुनीत गोयल, स्थानीय निवासी
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बच्चों को बाहर भेजने से डरते हैं माता-पिता गलियों में खेल रहे बच्चों पर कई बार कुत्ते हमला कर चुके हैं। कुत्तों के डर के कारण अभिभावक अपने बच्चों को अकेले बाहर नहीं भेजते। इससे बच्चों का सामान्य रूप से बाहर निकलना तक मुश्किल हो गया है। -सिमरनजीत सिंह, स्थानीय निवासी



कूड़ा बिखेरने के साथ वाहनों की सीट तक फाड़ देते हैं कुत्ते कुत्तों के झुंड सड़क पर कूड़ा बिखेर देते हैं। बदबू भी फैलती रहती है। रात में इनके लगातार रोने से बुजुर्ग और बच्चे परेशान होते हैं। कई बार ये लोगों को काटने के अलावा दोपहिया वाहनों की सीट तक फाड़ देते हैं। -सुखमेल सिंह, स्थानीय निवासी



नगर परिषद का दावा : शहर में करीब 2000 कुत्तों की नसबंदी करने के लिए अभियान युद्ध स्तर पर चलाया जा रहा है। अगस्त महीने में अब तक 108 कुत्तों को पकड़कर उनकी नसबंदी की जा चुकी है, जबकि कुल संख्या करीब 500 तक पहुंच गई है। उनका कहना है कि नसबंदी अभियान पूरा होने के बाद कुत्तों की बढ़ती संख्या पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी। -रंजीत कुमार, इंस्पेक्टर, नसबंदी अभियान, नगर परिषद जीरकपुर
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