एसएसए व रमसा टीचर्स को नहीं मिली सेलरी
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वर्षों से एसएसए व रमसा के अधीन काम कर रहे टीचर, हेडमास्टर व लैब अटेडेंट वीरवार को संघर्ष की राह पर आ गए। उन्होंने वीरवार को फेज-8 स्थित डीजीएसई के दफ्तर का घेराव कर दिया। प्रशासन ने 29 जून को मुलाजिमों की मीटिंग सीएम प्रकाश सिंह बादल से करवाने का आश्वासन दिया। साथ ही मुलाजिमों का रुका वेतन तीन महीने में जारी करवाने का आश्वान दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारी टीचर शांत हुए।
जानकारी के मुताबिक, वीरवार सुबह से ही एसएसए व रमसा मुलाजिम डीजीएसई के दफ्तर के बाहर जुटना शुरू हो गए थे। प्रदर्शनकारियों के पहुंचने की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई थी। यूनियन के नेताओं ने बताया कि एसएसए व रमसा के अधीन 12 हजार के करीब अध्यापक, हेडमास्टर व लैब अटेंडेंट आठ साल से सरकार की अनदेखी का शिकार होकर काम कर रहे हैं। सरकार उन्हें रेगुलर करने के लिए काफी समय से टाल मटौल कर रही है। उन्होंने बताया कि शिक्षा विभाग में तीन साल से काम करने वाले मुलाजिमों को रेगुलर करने की पॉलिसी है। इसके बाद भी उनके साथ धक्का किया जा रहा है। इस मौके पर नेताओं ने बताया कि कई टीचरों को करीब तीन महीने से वेतन नहीं मिला है। इस कारण उन्हें परेशानी उठानी पड़ रही है। सरकार ने मुलाजिमों की मांगे पहल के आधार पर हल करने का आश्वासन दिया है। इस मौके पर यूनियन के सूबा प्रधान राम भजन चौधरी, महासचिव अरजिंदर कलेर समेत कई मुलाजिम नेता मौजूद रहे।