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सनटेक सिटी मनी लॉन्ड्रिंग : अजय सहगल की जमानत याचिका खारिज

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मोहाली। सनटेक सिटी परियोजना से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोपी अजय सहगल की नियमित जमानत याचिका खारिज हो गई है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश मोहाली की अदालत ने यह आदेश दिया। अदालत ने कहा कि पीएमएलए के तहत जमानत के लिए धारा 45 की दोहरी शर्तें पूरी करना जरूरी है।
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अदालत ने रिकॉर्ड पर उपलब्ध सामग्री के आधार पर सहगल को राहत देने से इन्कार किया। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जमानत का विरोध किया था। ईडी ने आरोप लगाया कि अजय सहगल इंडियन को-ऑपरेटिव सोसायटी के सचिव और मामले के प्रमुख आरोपियों में हैं। एजेंसी के अनुसार, सनटेक सिटी परियोजना में 15 जमीन मालिकों के फर्जी सहमति पत्र तैयार कर धोखाधड़ी की गई। यह मामला इंडियन को-ऑपरेटिव हाउस बिल्डिंग सोसायटी द्वारा विकसित सनटेक सिटी परियोजना से संबंधित है। पुलिस ने 19 नवंबर 2022 को थाना मुल्लांपुर में एफआईआर दर्ज की थी। इसमें धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और जालसाजी की धाराएं शामिल हैं।



बचाव पक्ष की दलीलें

सहगल के वकील ने कहा कि मनी लॉन्ड्रिंग के कोई ठोस साक्ष्य नहीं हैं। उन्होंने यह भी दलील दी कि जांच एजेंसी कथित अपराध से प्राप्त रकम स्पष्ट नहीं कर सकी। बचाव पक्ष ने बताया कि मूल एफआईआर में सहगल को पहले ही जमानत मिल चुकी है। यह जमानत सुप्रीम कोर्ट तक बरकरार रही थी। उन्होंने तर्क दिया कि मूल अपराध में हिरासत की आवश्यकता नहीं थी। ऐसे में पीएमएलए के तहत जेल में रखना उचित नहीं है।
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