मोहाली। मोहाली और सरहिंद के बीच 27.37 किलोमीटर लंबा ग्रीनफील्ड नेशनल हाईवे सितंबर के अंत तक यातायात के लिए खोल दिया जाएगा। करीब 651 करोड़ रुपये की लागत से बना यह हाईवे लांडरां चौक के जाम से राहत देगा। इससे मोहाली से सरहिंद और फतेहगढ़ साहिब तक का सफर आसान और तेज हो जाएगा। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने भारतमाला परियोजना के तहत यह नया एक्सेस-कंट्रोल्ड कॉरिडोर विकसित किया है। यह लांडरां चौक की भीड़भाड़ को बाईपास करेगा। इससे मोहाली और सरहिंद के बीच सीधा संपर्क मिलेगा। वाहन चालकों को शहर की भीड़भाड़ वाली सड़कों से नहीं गुजरना पड़ेगा। इससे हजारों लोगों के समय की बचत होगी। एनएचएआई के परियोजना निदेशक अशिम कुमार बंसल के अनुसार, हाईवे का निर्माण और अंतिम निरीक्षण पूरा हो चुका है। उन्होंने कहा कि अब केवल कुछ औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी होना बाकी हैं। इसके बाद सितंबर के अंत तक इसे आम लोगों के लिए खोलने की तैयारी है।''
कनेक्टिविटी और अन्य लाभ
यह हाईवे मोहाली के भागोमाजरा गांव के पास, सेक्टर-110 के नजदीक से शुरू होगा। यह कॉरिडोर सरहिंद/फतेहगढ़ साहिब के पास एनएच-44 से जुड़ेगा। इससे मोहाली का संपर्क पंजाब के अन्य प्रमुख हिस्सों से बेहतर होगा। इस मार्ग से चंडीगढ़ हवाई अड्डा और क्षेत्रीय सड़क नेटवर्क तक बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। यह मौजूदा शहरी सड़कों से ट्रैफिक का दबाव कम करेगा।
अंतिम निरीक्षण पूरा, औपचारिकताएं बाकी
हाईवे का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। इसका अंतिम निरीक्षण भी किया जा चुका है। अब केवल कुछ औपचारिकताएं पूरी होना बाकी हैं। इसके बाद सितंबर के अंत तक इसे आम लोगों के लिए खोलने की तैयारी है। हाईवे के शुरू होने से मोहाली से सिरहिंद का सफर आसान होने के साथ-साथ फतेहगढ़ साहिब और आसपास के क्षेत्रों तक पहुंच भी बेहतर होगी। इससे स्थानीय लोगों, कारोबारियों और रोजाना आवागमन करने वाले वाहन चालकों को खासा फायदा मिलने की उम्मीद है। -अशिम कुमार बंसल, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएचएआई