मोहाली। जिले के सरकारी प्राइमरी स्कूलों में प्रीपेड बिजली व्यवस्था के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। प्रीपेड मीटर का रिचार्ज खत्म होने या बिजली आपूर्ति बाधित होने से पंखे, लाइट और स्मार्ट क्लास ठप हो रही हैं। स्कूल प्रबंधन ने इस स्थिति पर चिंता जताई है, जिससे बच्चों की डिजिटल शिक्षा पर असर पड़ रहा है। हाल ही में फेज-3बी2 स्थित एक सरकारी प्राइमरी स्कूल में प्रीपेड मीटर का रिचार्ज खत्म होने से बिजली बंद हो गई थी। इससे बच्चों को उमस भरी गर्मी में पढ़ाई करनी पड़ी। वहीं, फेज-3बी1 के सरकारी प्राइमरी स्कूल में दो दिनों तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। पंखे और लाइट बंद रहने से कक्षाओं में पढ़ाई प्रभावित हुई।
फेज-6 के सरकारी प्राइमरी स्कूल में हाल ही में प्रीपेड बिजली कनेक्शन लगाया गया है। स्कूल प्रबंधन को आशंका है कि समय पर रिचार्ज न होने पर यहां भी ऐसी ही परेशानी आ सकती है। फेज-3बी1 सरकारी प्राइमरी स्कूल की प्रिंसिपल अमनदीप कौर ने बताया कि बिजली न होने से बच्चों और शिक्षकों को गर्मी में काफी परेशानी हुई। फेज-6 सरकारी प्राइमरी स्कूल की प्रिंसिपल हरप्रीत सोढ़ी ने कहा कि स्कूलों को रिचार्ज के लिए अलग से कोई बजट नहीं दिया गया है। ऐसे में स्मार्ट क्लास, कंप्यूटर और अन्य डिजिटल शिक्षण गतिविधियां प्रभावित होने का खतरा बना रहेगा। स्कूल प्रबंधन ने समय पर बिजली और रिचार्ज की व्यवस्था न होने पर पढ़ाई पर लगातार असर पड़ने की चिंता जताई है। संवाद
समाधान की दिशा में पहल
जिला शिक्षा अधिकारी (एलिमेंट्री) दर्शनजीत सिंह ने इस समस्या के समाधान के लिए जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि जिले के सभी सरकारी प्राइमरी स्कूलों के लिए प्रीपेड बिजली व्यवस्था लागू की जा रही है। इसके तहत सभी स्कूलों का औसत बिजली बिल निकालकर स्कूलवार राशि तय कर दी गई है। यह राशि अग्रिम रूप से सीधे बिजली विभाग के खाते में जमा कराई जाएगी। इसका उद्देश्य रिचार्ज खत्म होने से बिजली आपूर्ति बाधित होने से रोकना है।
निर्बाध आपूर्ति का दावा
दर्शनजीत सिंह ने कहा कि इस व्यवस्था से स्कूलों में बिजली की समस्या नहीं आएगी। उन्होंने बताया कि ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों को इसके लिए कोष भी जारी कर दिया गया है। इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी। उन्होंने विश्वास दिलाया कि नई व्यवस्था से स्कूलों में बिजली की समस्या नहीं आएगी। यह सुनिश्चित करेगा कि डिजिटल शिक्षा बिना किसी रुकावट के जारी रहे।