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Mohali News: सुखना चो पर अवैध निर्माण तोड़ने गई टीम को रोका, कहा- कुछ समय दें

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संवाद न्यूज एजेंसी जीरकपुर। सुखना चो के किनारे बने अवैध निर्माण तोड़ने पहुंची ड्रेनेज विभाग और नगर परिषद की टीम को लौटना पड़ा। टीम के आने की खबर सुनते ही नगर परिषद के पूर्व प्रधान कुलविंदर सोही यहां पहुंच गए और टीम को कार्रवाई करने से रोक दिया। उन्होंने कहा कि यह उनकी जद्दी जमीन है। जिसके लिए उनके पास कोर्ट का आदेश भी है। जिसको वह दोपहर बाद नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी को दिखा भी देंगे। इस मामले में नगर परिषद के अधिकारी ने कहा कि पूर्व पार्षद को निर्माण खुद हटाने के लिए कहा गया है। वह ऐसा नही करेंगे तो परिषद जल्द ये अवैध निर्माण हटा देगी।
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इसके बाद नगर परिषद की टीम वापस लौट गई। अकाली दल पार्टी से नगर परिषद के पूर्व प्रधान द्वारा अवैध निर्माण करना बड़ी बात है। इन अवैध निर्माण के बनने से पहले स्थानीय लोगों ने इसकी शिकायत नगर परिषद व ड्रेन डिपार्टमेंट से की थी। जिसके चलते ड्रेनेज विभाग ने दो बार शेड का काम बंद भी करवा दिया था। राजनीतिक दबाव के चलते यहां करीब 9 से 10 शेड बनकर तैयार हो गए हैं। बाढ़ के कारण सुखना चो पर बने पुल को नुकसान पहुंचा है तो विधायक कुलजीत रंधावा ने सोमवार को मौके का दौरा करने के बाद इन निर्माण को हटाने के आदेश दिए थे। यहां बताना अनिवार्य है के बहुत सारे लोगों द्वारा सुखना चो के किनारे अवैध निर्माण किए गए हैं।
इस कारण सुखाने चो एरिया संकरा हो गया है। जब भी चो में पानी का स्तर बढ़ता है तो वह बाढ़ का रूप धारण कर लेता है। जिससे नुकसान होता है। अवैध निर्माण से पहले बाढ़ के समय इतना नुकसान नहीं होता था। स्थानीय लोगों की यही मांग है कि सुखना चो के किनारे जितने भी अवैध निर्माण है, उन्हें बिना देरी जल्द हटाया जाना चाहिए।
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आग के कारण हुआ था 50 लाख का नुकसान
करीब ढाई माह पहले यहां शेड वाली मार्केट में आग लग गई थी और फर्नीचर की दर्जनों दुकान जल गई थी। इस कारण दुकानदारों का करीब 50 लाख का नुकसान हुआ था। आग लगने के कुछ दिन बाद ही उसके सामने यहां 9 से 10 दुकानें बना दी गईं थीं। पहले भी यहां आग से बचने के लिए कोई प्रबंध नहीं था और अब भी कोई प्रबंध नहीं है। जिस समय आग की घटना हुई, उस समय शेड के 20 मीटर दायरे में पूर्व प्रधान की एक गैस एजेंसी भी थी, यदि आग वहां तक पहुंचती तो बड़ा नुकसान हो सकता था। गैस एजेंसी को तो यहां से हटा दिया गया है।
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