मोहाली। स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (एसएसओसी) मोहाली ने कनाडा स्थित गैंगस्टर अर्शदीप सिंह उर्फ अर्श डल्ला के दो गुर्गों को जिला मोगा से गिरफ्तार कर टारगेट किलिंग की घटना का पर्दाफाश किया है। आरोपियों से अवैध हथियार बरामद किए हैं। गिरफ्तार कवलजीत सिंह उर्फ काका निवासी मोहल्ला गुरु तेग बहादुर नगर, वार्ड कमोआ धर्मकोट जिला मोगा और नवदीप सिंह उर्फ हनी निवासी बद्दूवाल पुलिस स्टेशन धर्मकोट जिला मोगा के कब्जे से एक जिगाना पिस्टल और नौ कारतूस बरामद हुए हैं। एसएसओसी मोहाली ने गिरफ्तार किए आरोपियों का चार दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया है। एसएसओसी की एआईजी रवजोत ग्रेवाल ने बताया कि पुलिस टीम को सूचना मिली थी कि कनाडा स्थित गैंगस्टर अर्श डल्ला अपने प्रतिद्वंद्वी गिरोह के सदस्यों की हत्या करने की योजना बना रहा है। इसमें उसके साथी कवलजीत सिंह उर्फ काका और नवदीप सिंह उर्फ हनी उसकी मदद कर रहे हैं। कवलजीत उर्फ काका को इस कार्य के लिए अर्श डल्ला से पहले ही एक लाख रुपये की राशि मिल चुके हैं। उनके पास भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद है, जो उन्हें अर्श डल्ला ने मुहैया कराया है। अर्श डल्ला ने उनको पहले ही निशाना बनाने वाले व्यक्तियों का विवरण दे दिया है। आरोपियों के खिलाफ एसएसओसी थाना मोहाली में शस्त्र अधिनियम की धारा 25, 25(7) और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 61(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। एसएसओसी की टीम ने कार्रवाई कर 13 जून को धर्मकोट मोगा में छापा मारकर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
फरीदकोट के एक व्यक्ति को करना था खत्म
पूछताछ के दौरान कवलजीत सिंह उर्फ काका ने एक हाई-प्रोफाइल हत्या की साजिश के बारे में चौंकाने वाले खुलासे किया है। उसने बताया कि वह अर्श डल्ला के सीधे संपर्क में था, और उससे निर्देश प्राप्त कर रहा था। कुछ दिन पहले उसे अर्श डल्ला ने जिगाना पिस्टल और कारतूस एक विशेष कार्य को अंजाम देने के लिए सौंपा था। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी को फरीदकोट के एक व्यक्ति को खत्म करने का लक्ष्य मिला था। हत्या के बारे में कवलजीत को जानकारी देते हुए अर्श डल्ला ने उसे हमले के समय घर में मौजूद लक्ष्य सहित परिवार के सदस्यों को भी मारने का निर्देश दिया गया था। कवलजीत सिंह उर्फ काका का पिछला आपराधिक रिकॉर्ड है, उसके खिलाफ एनडीपीएस के मामले दर्ज हैं। गिरफ्तार दूसरा आरोपी नवदीप सिंह उर्फ हनी ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए कवलजीत को (लॉजेस्टिक) रसद सहायता प्रदान करने में सक्रिय रूप से शामिल था।
मॉड्यूल में शामिल गुर्गों की पहचान के प्रयास हैं जारी
जांच में पता चला कि कवलजीत सिंह ने हत्या को अंजाम देने में सहायता के लिए अपने साथ एक और सहयोगी को भी शामिल किया था, जिसकी पहचान की प्रक्रिया चल रही है। इसके अलावा अर्श डल्ला ने एक अज्ञात सहयोगी की व्यवस्था की थी। इसके अलावा आरोपियों को जबरन वसूली से संबंधित कुछ लक्ष्य भी दिए गए थे, जिन्हें बाद में पूरा किया जाना था। पूरी साजिश को अंजाम दिया जा रहा था। मॉड्यूल में शामिल अन्य गुर्गों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।