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Mohali News: खेत में लगी आग से धुएं के आगोश में कई सोसाइटियां, सांस लेने में हुई दिक्कत

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जीरकपुर। गाजीपुर रोड पर वीरवार शाम खेत में कनक के नाड (अवशेष) में आग लग गई। देखते ही देखते आग पूरे खेत में फैल गई। लोगों में हड़कंप मच गया। आग से निकले वाले धुएं से गाजीपुर रोड पर बनी कई सोसाइटियों में रहने वाले हजारों लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी।खासकर सांस के मरीजों को अधिक दिक्कत का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों ने खेत में फैलती आग को देखते हुए दमकल विभाग को सूचना दी। करीब आधा घंटे में दमकल विभाग ने आग पर काबू पाया। फायर ब्रिगेड अधिकारी राजीव कुमार के मुताबिक अभी तक आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चला है।
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धुएं में घिरी कई सोसाइटियां
जैसे ही आग फैली, हवा के साथ जहरीला धुआं मोना ग्रीन्स और सावित्री ग्रीन-2 जैसी सोसाइटियों के घरों में घुसने लगा। देखते ही देखते वातावरण इतना प्रदूषित हो गया कि लोगों को अपने घरों के खिड़की-दरवाजे बंद करने पड़े। सोसाइटियों में रहने वाले विशाल, अमित शर्मा, राजेश मल्होत्रा, संदीप सिंह, विकास गोयल, रमनदीप, मीनाक्षी, नेहा कपूर, अनिल वर्मा और सुनील दत्त ने बताया कि शाम के समय अचानक धुएं के कारण आंखों में जलन और सांस लेने में तकलीफ महसूस होने लगी। सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्गों और अस्थमा के मरीजों को हुई।



प्रदूषण का बढ़ा ग्राफ


नाड जलाने से निकलने वाला धुआं पीएम 2.5 के स्तर को खतरनाक रूप से बढ़ा देता है। स्थानीय निवासी विशाल ने कहा कि सोसाइटियों तक धुआं पहुंचने के बाद ही उन्हें आग की भयावहता का पता चला। शहर में पहले से ही वाहनों का दबाव है, और इस तरह की घटनाओं ने एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) को और बिगाड़ दिया है। सूचना मिलने के बाद दमकल विभाग की गाड़ी ने मौके पर पहुंचकर करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
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विभाग की चेतावनी और जुर्माना
डीसी ऑफिस लेवल पर हमने टीम बनाई हुई है। वह आग लगाने की घटनाओं के कारणों का पता लगाती है। अगर जांच में कोई दोषी पाया जाता है तो पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाती है और जुर्माना भी लगाया जाता है। यह कार्रवाई लैंड के हिसाब से की जाती है। दो से पांच एकड़ पराली या नाड जलाने पर दस हजार रुपये तक का दोषी से फाइन वसूला जाता है। -कमल दीप कौर, एक्सईएन, पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड मोहाली।
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