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Sippy murder case: सिप्पी की मां बोली- कल्याणी सबकुछ जानती है... मैं पहले दिन से कह रही हूं

Thu, 16 Jun 2022 02:45 AM IST
मोहाली ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मोहाली (पंजाब)

सार

दीपिंदर कौर ने कहा कि उन्होंने इस संबंध में बाकायदा जांच एजेंसियों को बताया था। वह कहती हैं कि हत्या वाले दिन कल्याणी ने ही सिप्पी को चंडीगढ़ सेक्टर-27 के पार्क में उसे बुलाया था। उन्होंने कहा कि सिप्पी दो दिन पहले ही कनाडा से लौटा था। मुझे वह दिन आज भी याद है।
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सिप्पी सिद्धू की मां और भाई। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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सिप्पी सिद्धू हत्याकांड में कल्याणी सिंह की गिरफ्तारी के बाद मोहाली के फेज-3बी2 निवासी पीड़ित परिवार को इंसाफ की उम्मीद जगी है। परिवार को विश्वास है कि अब इस हत्याकांड की साजिश से पर्दा उठ जाएगा। सिप्पी की मां दीपिंदर कौर का कहना है कि इस दिन के लिए उन्हें लंबा इंतजार करना पड़ा लेकिन देश की कानून व्यवस्था पर उन्हें पूरा भरोसा है।

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बता दें कि सिप्पी सिद्धू की 20 सितंबर 2015 की रात चंडीगढ़ सेक्टर-27 के एक पार्क में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। तब से यह हत्याकांड पहेली बना हुआ था। सिप्पी की मां ने बताया कि वह पहले दिन से ही कह रही हैं कि मामले में कल्याणी से पूछताछ होनी चाहिए तभी उनके बेटे की हत्या में शामिल लोगों का पता चल पाएगा। उसे सबकुछ पता है।

दीपिंदर कौर ने कहा कि उन्होंने इस संबंध में बाकायदा जांच एजेंसियों को बताया था। वह कहती हैं कि हत्या वाले दिन कल्याणी ने ही सिप्पी को चंडीगढ़ सेक्टर-27 के पार्क में उसे बुलाया था। उन्होंने कहा कि सिप्पी दो दिन पहले ही कनाडा से लौटा था। मुझे वह दिन आज भी याद है।
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सिप्पी मेरे पास ही बैठा हुआ था। इसी बीच अचानक उसे एक फोन आया और वह तुरंत घर से चला गया। हालांकि उसने मुझे जाते हुए बताया था कि उसे किसने बुलाया है। इसके बाद उसकी हत्या की खबर मिली थी। दीपिंदर कौर ने कहा कि वह लंबे समय से इंसाफ का इंतजार कर रही है। कल्याणी की गिरफ्तारी में देरी हुई है लेकिन मुझे कानून पर पूरा भरोसा है और यह उम्मीद है कि दोषियों को सजा जरूर मिलेगी।

भाई बोले- इंसाफ की जगी उम्मीद
सिप्पी के छोटे भाई जिप्पी सिद्धू ने कल्याणी सिंह की गिरफ्तारी पर कहा कि इस दिन का वह कब से इंतजार कर रहे थे। सीबीआई के इस कदम से उन्हें उम्मीद नई रोशनी दिखी है। भाई की मौत के बाद पूरा परिवार टूट गया था। उन्होंने और उनकी बुजुर्ग मां ने इंसाफ के लिए कई थानों के चक्कर काटे। एक लंबी जंग लड़ी। कहा कि देखते हैं कि आगे क्या होगा लेकिन हमें उम्मीद है कि कानून की जीत होगी।

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