मोहाली। आत्महत्या के लिए मजबूर करने के मामले में जिला अदालत ने दोषी पति को सात साल की सजा सुनाई है। दोषी पति जावेद अख्तर के खिलाफ पत्नी को मरने के लिए मजबूर करने का मामला दर्ज था।
मामले की सुनवाई मोहाली अदालत में विचाराधीन थी। मामला अप्रैल 2020 का है। नसीम को कम दहेज लाने के चलते जावेद अख्तर पीटता था, जिस कारण वह परेशान थी। वहीं, दोषी के वकील ने कहा कि अख्तर को मामले में झूठा फंसाया गया है। शादी के बाद उसे दो बच्चे हैं। उस पर कभी भी दहेज को लेकर कोई केस दर्ज नहीं हुआ है। उसने कभी भी पत्नी के साथ मारपीट नहीं की है। उसने पत्नी के नाम 100 गज का प्लॉट लिया है। साले की शादी के लिए पैसे दिए हैं। अगर उसने पति को मारना होता तो वह कभी अपने ससुराल परिवार को फाइनेंशियल मदद न करता। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने कहा कि महिला ने आत्महत्या से पहले भाई को कॉल करके मारपीट की बात कही थी और उसके बाद ही उसकी मौत हुई है। इसलिए यह साफ है कि इसमें उसका पति दोषी है। यह कहकर कोर्ट ने आरोपी को सात साल की सजा सुनाने के आदेश दिए।