फेज-11 और दो के सरकारी प्राइमरी स्कूल में बिजली के मीटर काटने का मामला अभी ठंडा भी नहीं हुआ था कि सोमवार सुबह शाहीमाजरा के स्कूल का कनेक्शन काट दिया गया। स्कूल की ओर से 7900 रुपये का बिजली बिल न भरने के कारण यह कार्रवाई की गई। जैसे ही मामला इलाके पार्षद अशोक झा के संज्ञान में आया तो उन्होंने दो घंटे में स्कूल की बिजली सप्लाई बहाल करवाकर बच्चों को राहत दी।
जानकारी के मुताबिक, मंगलवार सुबह साढ़े सात बजे स्कूल शुरू हुआ था। बच्चे कक्षाओं में जाकर बैठ गए, लेकिन स्कूल में बिजली नहीं थी। फिर पड़ोस से पता चला कि बिजली का बिल नहीं भरने के कारण स्कूल का कनेक्शन काट दिया गया है। स्कूल के टीचरों ने तुरंत इस बारे में इलाके के पार्षद अशोक झा को सूचित किया। उन्होंने साढ़े नौ बजे तक स्कूल में दोबारा बिजली सप्लाई बहाल करवा दी। इस मौके पर पार्षद झा के साथ पार्षद परमिंदर सिंह तसिंबली व शिक्षा सलाहकार कमेटी के मेंबर राहुल मरवाहा भी मौजूद रहे। पार्षद अशोक झा ने बताया कि उन्होंने बिजली विभाग के अधिकारियों से बातचीत कर उन्हें 15 दिन में बिल भरने का भरोसा दिया है।
कनेक्शन कटने के लिए शिक्षा विभाग जिम्मेदार
पार्षद अशोक झा ने बताया कि स्कूल का बिजली का कनेक्शन कटने के लिए सीधे तौर पर शिक्षा विभाग जिम्मेदार है। स्कूल की तरफ से बिजली बिल की पेमेंट चार मई को ही जिला शिक्षा आफिस में जमा करवा दी गई थी। जबकि डीईओ आफिस से इस संबंध में आगे की कार्रवाई नहीं की गई।
धर्मशाला में चल रहा है स्कूल
गांव शाहीमाजरा शहर के सबसे प्राइम इलाकों मेें से एक है। यहां पर कई नामी टैक्टर और टेलिकम्युनिकेशन कंपनियां हैं। लेकिन इलाके की हालत काफी खराब है। अभी तक इलाके में स्कूल की बिल्डिंग नहीं बन पाई है। 40 साल से स्कूल एक धर्मशाला में स्थापित है। जब धर्मशाला में कोई प्रोग्राम होता है तो उस दिन स्कूल में छुट्टी कर दी जाती है। पार्षद व गांववालों ने बताया कि गमाडा स्कूल की बिल्डिंग बनाने के लिए जगह अलॉट नहीं कर रहा है। जबकि एक प्राइवेट कंपनी को टॉयलेट बनाने के लिए ग्रीन बेल्ट में जगह अलॉट की गई है। उन्होंने प्रशासन से इस संबंध में ध्यान देने की मांग की है।
गमाडा एसीए से की मुलाकात
पार्षक अशोक झा और परमिंदर तसिंबली इस मामले में गमाडा के एसीए सुखजीत पाल से मिले। साथ ही स्कूल की जगह के लिए उनसे जगह देेने के लिए चर्चा की। वहीं, इस मौके पर उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों से बातचीत की। साथ ही जमीन अलॉट करने की प्रक्रिया को तुरंत पूरा करने का आश्वान दिया है।