फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Mohali News: बारिश में बढ़ा करैत सांप का खतरा, सिविल अस्पताल में बढ़े सर्पदंश के मामले

विज्ञापन
विज्ञापन
मोहाली। मानसून की शुरुआत के साथ ही जिले में जहरीले करैत सांप के काटने के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। सिविल अस्पताल में जुलाई के पहले सप्ताह से सांप के काटने के मरीज पहुंचने लगे हैं। इसी बीच, जीरकपुर के लोहगढ़ क्षेत्र में लाखों रुपये खर्च के बावजूद हर बारिश में जलभराव की समस्या बनी हुई है, जिससे स्थानीय लोग परेशान हैं।
विज्ञापन

हाल ही में बरियाली गांव की 12 वर्षीय शिल्पी को करैत सांप ने काट लिया। गंभीर हालत में उसे सिविल अस्पताल में वेंटिलेटर पर भर्ती करना पड़ा। उपचार के बाद अब उसकी हालत में सुधार है और जल्द छुट्टी मिलने की संभावना है। बाल रोग विशेषज्ञ साहिल विकास ने बताया कि बाल रोग विभाग में सांप के काटने के बाद किसी बच्चे को वेंटिलेटर पर रखने का यह पहला मामला है। पहले ऐसे गंभीर मामलों को पीजीआई चंडीगढ़ रेफर करना पड़ता था। अस्पताल में अब सांप रोधी जहर, आईसीयू और वेंटिलेटर की सुविधा उपलब्ध होने से बच्ची का सफल इलाज किया गया।


लोहगढ़ में जलभराव की समस्या

जीरकपुर के लोहगढ़ क्षेत्र में लाखों रुपये खर्च कर वर्षा जल निकासी के लिए पाइप बिछाए गए थे। इसके बावजूद बारिश का पानी सड़कों और गलियों से बाहर नहीं निकल पा रहा है। विश्वकर्मा मंदिर चौक, सैनी भवन के सामने और आसपास के कई इलाकों में हर बारिश के बाद जलभराव की स्थिति बन जाती है। इससे राहगीरों, वाहन चालकों और दुकानदारों को भारी परेशानी होती है। दुकानों के बाहर पानी जमा होने से व्यापारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। स्थानीय लोगों ने नगर परिषद से जल निकासी व्यवस्था तत्काल दुरुस्त करने की मांग की है। उन्होंने अतिरिक्त पाइप डालने और मौजूदा पाइपलाइन व नालों की नियमित सफाई कराने को कहा है।
विज्ञापन

महीना
मामले
जुलाई 2025
30
अगस्त 2025
10
सितंबर 2025
9
नवंबर 2025
3
दिसंबर 2025
2
जनवरी 2026
1
फरवरी 2026
2
अप्रैल 2026
2
मई 2026
7
जून 2026
8



क्रेट सांप के काटने के प्रमुख लक्षण
आंखों की पलकें झुकना या आंखें नहीं खुलना। बोलने और निगलने में परेशानी। शरीर में कमजोरी और लकवे जैसे लक्षण। सांस लेने में दिक्कत।गंभीर स्थिति में वेंटिलेटर की जरूरत पड़ सकती है।

सांप काटने पर क्या करें
घबराएं नहीं, मरीज को शांत रखें। काटे गए अंग को अधिक न हिलाएं। प्रभावित अंग पर हल्का प्रेशर बैंडेज बांध सकते हैं। झाड़-फूंक या घरेलू उपचार के चक्कर में न पड़ें। मरीज को तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल पहुंचाएं। इलाज में देरी न करें, क्योंकि शुरुआती समय सबसे महत्वपूर्ण होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें