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शराब तस्करी के चार आरोपियों की निशानदेही पर तीन सोसायटी में छापा, गठित की एसआईटी

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जीरकपुर। शहर में चार जनवरी को आबकारी विभाग और पुलिस के साझे ऑपरेशन के दौरान सस्ती शराब को नामी कंपनियों (ब्रांडेड कंपनियों) की बोतलों में भरकर और उनके नाम के लेबल चिपकाकर महंगे दामों में बेचने के मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। इन चारों के खिलाफ जीरकपुर थाने में एफआईआर नंबर-7 दर्ज की गई थी। इस मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपियों में जतिंदरपाल सिंह, जतिंदर सिंह, कर्ण गोस्वामी और विजय पिछले चार दिन के पुलिस रिमांड पर थे। पुलिस रिमांड के दौरान पूछताछ में आरोपियों ने कई अहम खुलासे किए हैं।
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सूत्रों के मुताबिक यह काफी हाई प्रोफाइल मामला है। पुलिस की ओर से रिमांड के दौरान आरोपियों से पूछताछ के बाद इस मामले में की गई जांच में सामने आया है कि ट्राइसिटी का एक नामी व्यक्ति फर्जी आईजी बनकर शराब की तस्करी करवा रहा था। इसके बाद यह अवैध शराब महंगे दामों में होटल, रेस्टोरेंट और बार में सप्लाई की जा रही थी। हालांकि अभी इस मामले में पुलिस का कोई भी अधिकारी कुछ बोलने को तैयार नहीं है और मुख्य आरोपी के नाम का भी खुलासा नहीं किया जा रहा है। लेकिन इस मामले में जांच के लिए जिला एसएसपी सतिंदर सिंह ने एसआईटी का गठन किया है। एसआईटी में एसपी देहात रवजोत कौर, डीएसपी डेराबस्सी विक्रम बराड़ और एसएचओ ओंकार सिंह बराड़ को शामिल किया गया है।
इस मामले में रविवार को पुलिस की चार अलग-अलग टीमों ने शहर में कई जगह छापा मारकर कुछ लोगों को राउंडअप किया है। इस छापे के दौरान पुलिस के हाथ कुछ अहम दस्तावेज भी लगे हैं। सूत्रों के मुताबिक पुलिस सोमवार को प्रेस कांफ्रेंस करके इस मामले में बड़े खुलासे करने जा रही है।
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वीआईपी रोड पर सुबह साढ़े 8 बजे मारा छापा
यह मामला हाई प्रोफाइल होने के अंदेशे पर पुलिस की अलग-अलग टीमों ने रविवार सुबह करीब साढ़े 9 बजे से ही छापा मारना शुरू कर दिया था। वीआईपी रोड पर रेल विहार सोसायटी में करीब साढे़ 9 बजे पुलिस की तीन गाड़ियों में 15 मुलाजिम पहुंचे। रेल विहार के डी-14 टावर के 6वें फ्लौर पर एक फ्लैट मेें हथियारों से लैस पुलिस मुलाजिमों ने छापा मारा। इस फ्लैट से पुलिस ने एक व्यक्ति को राउंडअप किया और थाने ले गए। जानकारी के मुताबिक रिमांड के दौरान चारों आरोपियों ने इसी व्यक्ति का नाम लिया था। पुलिस ने इसी सोसायटी से एक एक्टिवा भी कब्जे में ली है। इसके बाद गाजीपुर रोड पर एयरो होम्स सोसायटी में भी छापा मारने की जानकारी मिली है, लेकिन पुलिस अभी कोई खुलासा नहीं कर रही।
सिल्वर क्रीक-2 सोसायटी में भी दी दबिश
वहीं, शाम सवा 6 बजे सिल्वर क्रीक-2 सोसायटी के फ्लैट नंबर- 30ए में भी एसएचओ एयरपोर्ट हिम्मत सिंह की अगुवाई में पुलिस के 16 मुलाजिम अलग-अलग गाड़ियों में सवार होकर छापा मारने पहुंचे, इनमें एक महिला कांस्टेबल भी शामिल थीं। हालांकि फ्लैट में ताला लगा था, लेकिन सर्च वारंट सहित पहुंची पुलिस फ्लैट की बालकनी में सीढ़ी लगाकर दाखिल हुई और करीब 25 मिनट फ्लैट में रही। यहां से कुछ अहम दस्तावेज पुलिस के हाथ लगे हैं। सूत्रों के मुताबिक यह फ्लैट किसी विनोद कुमार का है और उसके यहां दो फ्लैट हैं। विनोद को काफी हाई प्रोफाइल तबके का बताया जा रहा है और उसके पास ऑडी और जैगवार लग्जरी कारें बताई जा रही हैं।
दिल्ली से आते थे नामी ब्रांड के लेबल
दरअसल सस्ती शराब को ब्रांडेड शराब बनाकर बेचने के लिए इस्तेमाल होने वाले नामी ब्रांड के लेबलोें में शवास रीगल, रेड लेबल, ब्लैक डॉग जैसी महंगी शराब के लेबल, ढक्कन और खाली बोतलें आदि सामान एक बस के जरिये दिल्ली से लाया जाता था और यह सामान जमना एनक्लेव जीरकपुर में एक गोदाम मेें रखा जाता था। इस मामले में अभी कई आरोपियों की गिरफ्तारियां होनी बाकी हैं। पुलिस आज प्रेस कांफ्रेंस करके इस मामले का खुलासा करेगी।
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