मोहाली। एयरोट्रोपोलिस प्रोजेक्ट की जमीन एक्वायर करने की प्रक्रिया अंतिम पड़ाव में है। इसके साथ-साथ अब ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (गमाडा) ने एक और बड़े औद्योगिक विकास प्रोजेक्ट पर काम शुरू कर दिया है। मोहाली के सेक्टर-87, 101 और 103 में पंजाब का अब तक का सबसे बड़ा इंडस्ट्रियल पार्क बनाने की तैयारी कर ली है। इसके लिए अथॉरिटी ने सेक्टरों के छह गांवों की करीब 502 एकड़ जमीन एक्वायर करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। गमाडा ने सेक्टर-87 में चंडीगढ़ के सेक्टर-17 की तर्ज पर कामर्शियल हब बनाने की तैयारी कर दी है। इसके तहत गमाडा ने चार गांवों की करीब 200 एकड़ जमीन एक्वायर करने के लिए अधिसूचना जारी की है।
हाउसिंग निर्माण एवं शहरी विकास विभाग के प्रमुख सचिव विकास गर्ग की तरफ से जारी नोटिफिकेशन के अनुसार यह जमीन मोहाली के छह गांवों में पड़ती है। गमाडा ने भूमि अधिग्रहण से पहले इस संबंध में एक नोटिफिकेशन जारी किया है। सोहाना, दुराली, सनेटा, संभालकी, नानूमाजरा व माणकमाजरा के भू-मालिकों से एतराज और सुझाव मांगे हैं। इसके लिए बाकायदा करीब छह माह की तय समय सीमा में सभी सुझाव मिलने के बाद अगली प्रक्रिया शुरू की जाएगी। गमाडा के अधिकारियों का कहना है कि प्रस्तावित इंडस्ट्रियल पार्क आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा और यहां उच्च-प्रौद्योगिकी उद्योगों, मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स व स्टार्टअप हब्स को जगह दी जाएगी। यह पार्क न सिर्फ मोहाली बल्कि पूरे पंजाब के औद्योगिक विकास में नई दिशा देने वाला साबित होगा। प्रस्तावित इंडस्ट्रियल पार्क क्षेत्र के युवाओं के लिए रोजगार का बड़ा केंद्र बनने जा रहा है। 502 एकड़ में बन रहे इस पार्क में हाई-टेक उद्योगों, मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स और स्टार्टअप हब स्थापित किए जाएंगे। अधिकारियों के मुताबिक इस प्रोजेक्ट से हजारों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर मिलेंगे। स्थानीय निवासियों को भी व्यापार और सर्विस सेक्टर में नए मौके मिलेंगे।
पुरानी पॉलिसी के तहत एक्वायर होगी जमीनें
इंडस्ट्रियल पार्क के लिए जमीन का अधिग्रहण पुरानी भूमि अधिग्रहण पॉलिसी के तहत किया जाएगा। पुरानी पॉलिसी लागू होने से किसानों और भूमालिकों को सरकार की तरफ से पहले से तय दरों के अनुसार मुआवजा मिलेगा। गमाडा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अधिसूचना जारी होने के बाद प्रभावित भूमालिकों को अपने सुझाव और आपत्तियां दर्ज कराने के लिए एक निश्चित अवधि दी गई है। इसके बाद अंतिम एक्विजिशन नोटिफिकेशन जारी की जाएगी और अधिग्रहण प्रक्रिया को अमलीजामा पहनाया जाएगा।