मोहाली। चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में दो दिवसीय चंडीगढ़ म्यूजिक एंड फिल्म फेस्टिवल का आयोजन किया गया। इसमें पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवा विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित हुए। उनका स्वागत यूनिवर्सिटी के चांसलर सतनाम सिंह संधू ने किया। इस दौरान स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने कहा कि पंजाब की विरासत बेहद समृद्ध है। युवा पीढ़ी को इसके बारे जागरूक करने में फिल्में एक महत्वपूर्ण मंच साबित होंगी।
उन्होंने युवाओं का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि जीवन में शिक्षकों और माता-पिता का सम्मान बहुत जरूरी है, जिससे हम एक बेहतर भविष्य का निर्माण कर सकते हैं। वहीं चांसलर सतनाम सिंह संधू ने कहा कि सिनेमा विचारों की अभिव्यक्ति का माध्यम है। इस प्रकार यह महत्वपूर्ण है कि सिनेमा के रूप में कला को संरक्षित और बढ़ावा दिया जाए। इस दिशा में इस प्रकार के फेस्टिवल अधिक महत्व रखते हैं। इस कार्यक्रम को एक बड़े पैमाने पर आयोजित किया जाना चाहिए था तथा मेरा प्रस्ताव है कि इस साल के अंत में एक बड़ा फिल्म एंड म्यूजिक फेस्टिवल आयोजित किया जाए, जिसमें 50 हजार लोग इन हस्तियों से प्रेरित हों।
इस दौरान प्रसिद्ध भारतीय फिल्म निर्देशक, प्रोडयूसर इम्तियाज अली, अभिनेता सौरभ शुक्ला, दिलीप सेन, अखिलेंद्र मिश्रा, शाहिद माल्या, सपना चौधरी, केसी बोकाडिया, प्रीति सपरु, अभिषेक दुधिया, गेवी चहल के साथ सतिंदर सत्ती, अर्जुमन मुगल, राणा जुगना और कई अन्य बॉलीवुड हस्तियां शामिल हुईं।
पंजाब की उपजाऊ भूमि पर गुरुओं और संतों का आशीर्वाद है। यहां की नदियां, नहरें, कृषि और पर्यावरण की समृद्ध विरासत है। उन्होंने छात्रों से पंजाब की विरासत, नदियों और पर्यावरण को संरक्षित करने का आग्रह किया।
-इम्तियाज अली, निर्देशक
उत्सव के आयोजन के लिए आयोजक का कदम सराहनीय है। फिल्में अभिव्यक्ति का साधन हैं और हमें जीवन की वास्तविकता को शानदार तरीके से बताने की अनुमति देती हैं। -सौरभ शुक्ला, एक्टर, राइटर और फिल्म निर्देशक
चंडीगढ़ म्यूजिक एंड फिल्म फेस्टिवल उत्सव के लिए आयोजक ने काफी प्रयास किया। इसने उन्हें एक लंबे अरसे के बाद एक मंच पर एक साथ रहने का अवसर दिया। -केसी बोकाडिया, फिल्म निर्माता
पंजाब को इस तरह से समृद्ध करना होगा ताकि हमारी युवा पीढ़ी इसे छोड़कर विदेशों में पलायन की प्रवृति को छोड़ दें। पंजाबी के बिना कोई पंजाब नहीं है। हमें अपने इतिहास के बारे में सभी अच्छी चीजों को संरक्षित करने और उनके संरक्षण में योगदान देने की आवश्यकता है। -प्रीति सपरू, अभिनेत्री