जीरकपुर। पंजाब निकाय विभाग में अतिरिक्त प्रोजेक्ट डायरेक्टर के पद पर तैनात सीनियर अधिकारी ने कानून हाथ में लेते हुए नौजवान के मुंह पर तमाचा जड़कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। यही नहीं उन्होंने उसे जान से मारने की धमकी भी दी। पीड़ित नौजवान को आनन-फानन में इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया और डॉक्टरी रिपोर्ट के आधार पर पुलिस अधिकारियों को उक्त सीनियर अधिकारी के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज करवाकर कार्रवाई की मांग की है। मामले की जांच एएसआई बलजिंदर सिंह कर रहे हैं।
जीरकपुर के पाल्म एनक्लेव के मकान नंबर-30 के रहने वाले पारस वर्मा पुत्र शशि मोहन ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसका अपने पिता के साथ प्रॉपर्र्टी विवाद को लेकर एक केस एडीसी मोहाली के पास विचाराधीन है। उनके द्वारा 18 जुलाई 2018 को सुनाए फैसले के अनुसार पिता शशि मोहन के पास करीब 15 लाख रुपये का गोल्ड पड़ा है जो पारस वर्मा का है। अगर पिता शशि मोहन सारा गोल्ड पारस वर्मा को दे देते हैं तो मकान पर उनका कब्जा माना जाएगा। शनिवार को पारस अपने घर में था। इस दौरान पंजाब निकाय विभाग के सुनील दत्त वर्मा करीब 9 से 10 लोगों के साथ आ पहुंचे। उन्होंने जबरदस्ती पारस से मकान की चाबी छीनने की कोशिश की, परन्तु पारस ने चाबी देने से इंकार कर दिया। इसके बाद उन्होंने उसके मुंह पर थप्पड़ जड़ते हुए उसे जख्मी कर दिया और गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी देनी शुरू कर दी। आरोप है कि सीनियर अधिकारी सुनील दत्त वर्मा ने उसे और उसके बच्चों को जान से मरवाने की धमकी दी है।
अतिरिक्त प्रोजेक्ट डायरेक्टर को जांच में शामिल होने के लिए नोटिस
पारस की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने पंजाब निकाय विभाग के अतिरिक्त प्रोजेक्ट डायरेक्टर सुनील दत्त वर्मा को नोटिस भेजकर जांच में शामिल होने के लिए कहा है। जांच अधिकारी एएसआई बलजिंदर सिंह ने बताया कि सीनियर अधिकारी को जांच में शामिल होने केकहा गया है। इसके बाद आगामी कार्रवाई को अंजाम दिया जाएगा।
यह हमारा पारिवारिक मामला है : सुनील दत्त
मेरे ऊपर लगाए सभी आरोप बेबुनियाद हैं। मैंने किसी पर हाथ नहीं उठाया। पारस के साथ हमारा पुराना पारिवारिक मामला है, जिसे सुलझाने के लिए वहां आया था। वैसे भी शनिवार होने के चलते मैं कोई ऑफिशियल ड्यूटी पर नहीं था। -सुनील दत्त वर्मा, अतिरिक्त प्रोजेक्ट डायरेक्टर, पंजाब निकाय विभाग, चंडीगढ़