कुराली। शहर में आतिशबाजी विक्रेताओं और प्रशासन में लुका-छिपी का खेल चल रहा है। दिन के समय प्रशासन से डरते आतिशबाजी विक्रेता दुकानें कम खोलते हैं। वहीं शाम होते ही दुकानें सज जाती हैं। इस सूचना पर देर शाम जिला प्रशासन की टीम ने एसडीएम खरड हिमांशु जैन के नेतृत्व में बडाली रोड पर चेकिंग की तथा अवैध तौर पर आतिशबाजी बेचने वाली दो दुकानें सील कर दीं। वहीं दो दर्जन से ज्यादा दुकानदार अपनी दुकानों को बंद करके भाग निकले।
देर शाम जब एसडीएम जैन के ध्यान में आतिशबाजी की दर्जनों दुकानें खुली होने का मामला ध्यान में लाया गया तो उन्होंने बडाली रोड पर नगर काउंसिल और पुलिस पार्टी को साथ लेकर चेकिंग शुरू की। वहीं एसडीएम के शहर में पहुंचने की भनक लगते ही बडाली रोड पर खुली दो दर्जन से ज्यादा दुकानों को बंद करके दुकानदार भाग निकले। वहीं दो दुकानों में एसडीएम ने चेकिंग की लेकिन वे मौके पर आतिशबाजी बेचने के लाइसेंस तथा कोई भी कागजात नही दिखा सके। इस पर दुकानों को सील कर दिया गया।
एसडीएम हिमांशु जैन ने बताया कि अवैध तौर पर आतिशबाजी बेचने वालो को छोड़ा नहीं जाएगा। उन्होंने काउंसिल और पुलिस अधिकारियों को बिना लाइसेंस आतिशबाजी बेचने वालों पर नजर रखने तथा इसकी रिपोर्ट प्रतिदिन उन्हें भेजने की हिदायत की।
वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि एसडीएम जैन चाहे जितने मर्जी दावे करते रहे परन्तु इस वर्ष भी कानून को ठेंगा दिखाकर दुकानदार पटाखे जोर-शोर से बेचेंगे और प्रशासन की सख्ती कोई काम नहीं आएगी।
पिछली बार के प्रशासन के नरम रुख के कारण दुकानदारों के हौसले बुलंद
पिछले वर्ष जिला प्रशासन ने थोड़ी-सी सख्ती दिखाते हुए रोपड़ रोड और चंडीगढ़ रोड पर पटाखों के स्टॉल नहीं लगने दिए थे। यही नहीं बडाली रोड तथा मोरिंडा रोड की थोक विक्रेताओं की दुकानों के साथ-साथ छोटे पटाखा दुकानदारों की भी दुकानें सील कर दी थीं परन्तु दिवाली से दो-तीन दिन पहले प्रशासन ने लोगों की जान माल की परवाह न करते हुए मोरिंडा रोड और बडाली रोड की सभी पटाखे की दुकानों की चाबियां दुकानदारों को दे दी थीं और फिर धड़ल्ले से दिवाली तक शहर में पटाखे बिकते रहे। पिछले वर्ष के प्रशासन के इस नरम रुख के चलते ही इस साल भी पटाखा विक्रेताओं के हौसले बुलंद हैं और वे धड़ल्ले से पटाखे बेच रहे हैं।