जीरकपुर। बिजली विभाग के ठेकाकर्मियों का नए बिजली संशोधन बिल के विरोध में एक्सईएन कार्यालय के बाहर दिया जा रहा धरना तीसरे दिन भी जारी रहा। कर्मचारियों ने केंद्र सरकार और विभागीय प्रबंधन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी कर बिल को जनविरोधी करार दिया।मोहाली सर्कल सचिव एकम सिद्धू ने कहा कि केंद्र सरकार ऐसा बिजली संशोधन कानून लाना चाहती है, जो पंजाब के लिए घातक साबित होगा। उनके अनुसार यह कानून बिजली विभाग को निजी हाथों में सौंपने का रास्ता तैयार करता है।
डिवीजन प्रधान अमनिंदर सिंह ने आरोप लगाया कि पंजाब की वर्तमान सरकार जिसने कभी सरकारी संस्थानों के निजीकरण के खिलाफ वादे किए थे, अब पीछे हट रही है। कर्मचारियों ने कहा कि पंजाब सरकार को इन बिलों पर आपत्ति दर्ज कराने का अवसर मिला था, लेकिन सरकार ने कोई कदम नहीं उठाया। उनका कहना है कि ये बिल किसान कानूनों की तरह ही नुकसानदायक हैं, जिनसे व्यापारी, मजदूर, किसान और आम उपभोक्ता सभी प्रभावित होंगे। ठेका कर्मियों ने जीरकपुर के विभिन्न गांवों में मार्च निकालकर लोगों को स्थिति से अवगत कराया और अपील की कि आगामी चुनावों में ऐसे नेताओं का समर्थन न करें जो, जो बिजली विभाग को निजी हाथों में सौंपने का रास्ता बना रहे हैं। प्रदर्शन में किसान यूनियन पुआद और टेक्निकल सर्विसेज यूनियन के नेता भी शामिल हुए। इस मौके पर तरसेम सिंह, राजिंदर प्रधान, रुसतम शेख, तरलोचन सिंह, रोहित शर्मा, सुखविंदर सुख्खी सहित कई सदस्य उपस्थित रहे।