किसान एकता के समन्वयक देवेंद्र शर्मा
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मोहाली स्थित चिंतपूर्णी मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस के स्टूडेंट्स बुधवार को संघर्ष की राह पर आ गए। इसके पीछे बड़ी वजह यळ बताई जा रही है। विद्यार्थियों ने अभिभावकों संग मोहाली स्थित डायरेक्टर मेडिकल शिक्षा एवं खोज विभाग के आफिस के बाहर रोष प्रदर्शन किया। इसके बाद उन्होंने अधिकारियों के साथ मीटिंग की। साथ ही अधिकारियों से उन्होंने कॉलेज बदलने की मांग की है। विभाग की डायरेक्टर डॉ. मंजीत कौर मोही ने विद्यार्थियों को उनकी मांगें पूरी करने का आश्वासन दिया है। फेज-8 स्थित डायरेक्टर मेडिकल शिक्षा एवं खोज विभाग के आफिस के बाहर इकट्ठा हुए। चिंतपूर्णी मेडिकल कॉलेज के स्टूडेंट्स ने कहा कि सरकार उनके भविष्य से खिलवाड़ कर रही है। कॉलेज में न तो पूरे अध्यापक हैं। न ही लैब में किसी तरह की प्रेक्टिकल की सहूलियत है। उनका दाखिला भी वर्ष 2014 में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद हुआ था। कोर्ट ने कालेज बदलने के आदेश किए थे। विभाग ने आज तक कालेज बदलने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की है। वहीं, एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ सुनील गर्ग ने कहा कि सरकार की इस लापरवाही से सैकड़ों स्टूडेंट्स का भविष्य दांव पर लगा है। छात्रों ने लाखों रुपये खर्च कर कॉलेज में दाखिला लिया था। लेकिन कॉलेज में फैकल्टी तक नहीं है और न किसी तरह की कोई सहूलियत है। इस संबंध में मेडिकल शिक्षा एवं खोज विभाग की डायरेक्टर डॉ. मंजीत कौर मोही ने स्टूडेंट्स व उनके अभिभावकों को आश्वासन दिया है हि नवंबर तक स्टूडेंट्स के कॉलेज बदल दिए जाएंगे। उन्होंने कहा की केंद्र सरकार से इसको लेकर अनुमति मांगी गई है और जल्द ही कोई फैसला लिया जाएगा।