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Mohali News: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मोहाली के कर्नल मनप्रीत सिंह को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से किया सम्मानित

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नयागांव। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मुल्लांपुर के साथ लगते गांव भड़ौंजिया के कर्नल मनप्रीत सिंह को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया है। वे जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले में आतंकियों से मुठभेड़ में शहीद हो गए थे।
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13 सितंबर 2023 को जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले में घने जंगलों वाली पहाड़ियों में एक विशिष्ट खोज और विनाश अभियान का नेतृत्व कर्नल मनप्रीत सिंह को सौंपा गया था। जैसे ही उनकी टीम आगे बढ़ी आतंकवादियों ने अंधाधुंध फायरिंग उन पर कर दी। अपनी जान की की परवाह किए बगैर जवाबी कार्रवाई करते हुए उन्होंने एक आतंकवादी को मार गिराया। इस बीच भीषण गोलीबारी के दौरान एक गोली उनके सिर में लगी। वह गंभीर रूप से घायल हो गए और वीरगति को प्राप्त हुए।

14 अगस्त 2024 को उन्हें मरणोपरांत शांतिकाल के दूसरे सबसे बड़े वीरता पुरस्कार कीर्ति चक्र देने की घोषणा की गई थी। 22 मई 2025 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कर्नल मनप्रीत सिंह (मरणोपरांत) को कीर्ति चक्र से सम्मानित किया।
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दादा, पिता और चाचा भी सेना में थे
शहीद कर्नल मनप्रीत अपने परिवार की तीसरी पीढ़ी थी जो सरहद पर देश की सेवा कर रही थी। कर्नल मनप्रीत सिंह के दादा शीतल सिंह, पिता स्व. लखमीर सिंह और चाचा रणजीत सिंह भी भारतीय सेना में थे।

कर्नल मनप्रीत सिंह को शहीद हुए 13 सितंबर 2025 को दो साल पूरा होने को है, लेकिन परिवार के लोग आज भी गमजदा हैं। उनकी शहादत पर बात करने पर उनकी आंखें नम हो जाती हैं। एक मां ने अपना बेटा, एक पत्नी ने पति और एक बेटी और बेटे ने अपना पिता खोया है। हालांकि शहीद कर्नल मनप्रीत सिंह की शहादत पर सबको गर्व भी है।
उनकी पत्नी जगमीत कौर पंचकूला में एक कॉलेज में लेक्चरर हैं। परिवार के अन्य सदस्यों में बेटा कबीर सिंह, बेटी बानी, माता मनजीत कौर, भाई संदीप सिंह, बहन संदीप कौर, चाचा हरविंदर सिंह, हरजसन सिंह, गुरप्रीत सिंह और मासी परमजीत कौर हैं। सबने शहीद कर्नल मनप्रीत सिंह की याद में 13 सितंबर 2024 को उनकी पहली बरसी मनाई थी।





राज्य सरकार ने पूरे नहीं किए वादे
शहीद कर्नल मनप्रीत सिंह की शहादत को लगभग दो साल होने को है। उनका परिवार सरकार के वादे पूरे होने की राह ही देख रहा है। इन अधूरे वादों में शामिल हैं-

1. मुल्लांपुर गरीबदास न्यू चंडीगढ़ बैरियर पर एक बड़ा गेट और एक बूथ शहीद मनप्रीत सिंह के नाम से बनाया जाना था जो अभी तक नहीं बना।

2. मुल्लांपुर गरीबदास न्यू चंडीगढ़ बैरियर से सिसवां टी-पॉइंट से कुराली तक जाने वाली रोड का नाम शहीद कर्नल मनप्रीत सिंह के नाम से रखा जाना था जो अभी तक नहीं रखा गया।
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लोगों ने ये मांगें भी रखीं

1. न्यू चंडीगढ़ में कोई भी बड़ा स्टेडियम या बड़ा स्कूल शहीद कर्नल मनप्रीत सिंह के नाम से बनाया जाए

2. न्यू चंडीगढ़ का बस स्टैंड शहीद कर्नल मनप्रीत सिंह के नाम से बने।
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