जीरकपुर। जीरकपुर के गांव दौलत सिंह वाला पभात में हाईकोर्ट के आदेश पर एयरफोर्स स्टेशन की दीवार के नजदीक 100 मीटर के दायरे में गोदाम एरिया में नगर काउंसिल की ओर से 13 कामर्शियल निर्माण तोड़ने और 398 निर्माणकर्ताओं को धारा 195 के तहत दिए गए नोटिस के मामलो में राजनीति हावी होनी शुरू हो गई है। एक तरफ जहां नगर काउंसिल के अधिकारियों की ओर से इस कार्रवाई कारवाई के पीछे हाईकोर्ट के आदेशों की पालना का हवाला दिया जा रहा है, वहीं कांग्रेस और अकाली भाजपा के नेता होने वाले नगर काउंसिल चुनाव को भांपते हुए एक दूसरे पर अरोप लगाने लगे हैं।
इस एरिया में रहने वाले लोगों और विरोधी पक्षों ने 2003 से अब तक इस एरिया में कालोनियां बेचकर जाने वाले कॉलोनाइजरों और पार्षदों को घेरना भी शुरू कर दिया है। काउंसिल की ओर से हाईकोर्ट के निर्देशों पर नगर काउंसिल अधिकारियों ने हाईकोर्ट के चाबुक से बचने के लिए की गई कार्रवाई के बाद इस मामले में राजनीतिक नेताओं को भी अपना वोट बैंक खिसकता नजर आ रहा है। अब इस एरिया में किसने निर्माण तोड़े और किसने निर्माण करवाए इसको लेकर राजनीति हावी हो चुकी है।
इस मसले को लेकर भूतपूर्व जिला मोहाली कांग्रेस प्रधान दीपिंदर सिंह ढिल्लों ने जरनैल एनक्लेव के कम्युनिटी सेंटर में उन परिवारों से मुलाकात की, जिनके रिहायशी निर्माण 100 मीटर क्षेत्र में आते हैं, लोगों ने अपनी सारी बात ढिल्लों को बताकर मदद की गुहार लगाई। ढिल्लों ने निवासियों को पूरी मदद करने का भरोसा दिया और कहा कि वह एमपी पटियाला महारानी परनीत कौर से मुलाकात कर अदालती आदेशों पर वर्जित क्षेत्र में निर्माणों पर लटकी हाईकोर्ट के आदेशों की तलवार के मुद्दे से अवगत करवाकर इसके निवारण के लिए कहेंगे। जिससे लोगों को अपनी मेहनत की कमाई से बनाए गए आशियानों के उजड़ने की चिंता से निजात दिलवाई जा सके। ढिल्लों ने कहा कि वैसे तो यह मसला माननीय कोर्ट में विचारधीन है, परंतु सरकार की ओर से जो भी कुछ किया जा सकता वह जरूर करेंगे। ढिल्लों ने कहा कि यह हलका उनका अपना परिवार है और वह पूरी कोशिश करेंगे जिससे पिछली अकाली भाजपा सरकार के गलत फैसलों का खामियाजा क्षेत्र के लोगों को भुगतना न पड़े। ढिल्लों ने विधायक एनके शर्मा पर आरोप लगाया कि इस वर्जित क्षेत्र में निर्माण और प्लाटों की बिक्री उनकी कार्यकाल में हुई हैं, जो लंबे समय तक जीरकपुर नगर काउंसिल के प्रधान रहे, काउंसिल पर काबिज पार्षदों ने इस क्षेत्र में भोले-भाले लोगों को गुमराह कर कालोनियां काट कर बेची।
वहीं दूसरी ओर इस मामले को लेकर जब विधायक एनके शर्मा से बातचीत की गई तो उन्होंने इस कार्रवाई के लिए कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि जब भी राज्य में कांग्रेस की सरकार आती है तो जीरकपुर में इस तरह की समस्याएं शुरू हो जाती है।