डेराबस्सी। गमाडा की ओर से अवैध कॉलोनियों के खिलाफ चलाई मुहिम के कारण अवैध कॉलोनियों में प्लॉट लेने वाले लोगों में बेचैनी बढ़ गई है। प्लॉट मालिकों को अब डर सता रहा है कि अब वह अवैध कालोनियों में घर कैसे बनाएंगे।
बता दें कि गमाडा की ओर से अवैध कॉलोनियों के खिलाफ विशेष मुहिम चलाते हुए पिछले दिनों में गांव भांखरपुर में चार कॉलोनियों में अवैध निर्माण सहित अन्य कार्य बंद करवा दिए हैं। इसके बाद से ही क्षेत्र में अवैध कॉलोनाइजरों व इन कॉलोनियों में प्लॉट लेने वालों में हड़कंप मच गया है। डेराबस्सी क्षेत्र में अवैध कॉलोनियों में भरमार है। कॉलोनाइजर प्रशासनिक अधिकारियों की मिलीभगत के चलते डेराबस्सी नगर काउंसिल की हद के साथ पड़ते गांवों में खेतों में मिट्टी की भरत डालकर वहां अस्थायी तौर पर सड़कें बनाकर कॉलोनी काट देते हैं। गमाडा की ओर से मंजूरशुदा कॉलोनी में प्लाट की कीमत ज्यादा होती है, लेकिन कॉलोनाइजर बिना कोई फीस भरे कुछ पैसे अधिकारियों को देकर सस्ते प्लॉट बेच देता है।
इस मामले को लेकर गमाडा के जेई मानिक कुमार ने बताया कि नगर काउंसिल से बाहर प्लॉट धारकों को प्लाट लेने से पहले उनसे गमाडा से कॉलोनी पास करवाने का प्रमाण पत्र देखना चाहिए। अगर कॉलोनाइजर कुछ नहीं दिखाता तो उनको संबंधित कॉलोनी के बारे में गमाडा में आकर भी कॉलोनी पास है या नहीं की जानकारी मिल सकती है। अवैध कॉलोनियों में सुविधाएं नहीं मिलतीं, जिस कारण भविष्य में लोग तंग होते हैं।