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Mohali News: फेज-3बी2 मार्केट में रेहड़ी-फड़ी वालों का कब्जा, व्यापारी-दुकानदार परेशान

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दुकानों के बाहर लगीं रेहड़ियां। संवाद 
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मोहाली। शहर की सबसे प्रसिद्ध फेज 3बी2 मार्केट में रेहड़ी-फड़ी वालों का कब्जा होने से व्यापारी और दुकानदार परेशान हैं। व्यवस्थित और साफ-सुथरी मानी जाने वाली यह मार्केट अराजकता और गंदगी से जूझ रही है। दुकानदारों का आरोप है कि ये रेहड़ी वाले न तो कोई किराया देते हैं, न टैक्स, और न ही किसी नियम का पालन करते हैं।
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इसके बावजूद भी वे ज्यादा मुनाफा कमा रहे हैं, जबकि टैक्स और किराया देने वाले स्थायी दुकानदारों को घाटा उठाना पड़ रहा है। व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि रेहड़ी वालों को निर्धारित स्थान पर स्थानांतरित किया जाए, और मार्केट की व्यवस्था को बनाए रखने के लिए स्थायी समाधान निकाला जाए। साथ ही यह भी मांग उठ रही है कि जब रेहड़ी वाले भी व्यापार कर रहे हैं, तो उन पर भी नियमों, टैक्स और साफ-सफाई के मानक लागू किए जाएं।


पार्किंग और फुटपाथ पर कब्जा, ट्रैफिक जाम आम बात
मार्केट की बड़ी पार्किंग का इस्तेमाल अब रेहड़ी वाले अपने ठेले लगाने के लिए कर रहे हैं। इस वजह से ग्राहकों को पार्किंग न मिलने के कारण वापस लौटना पड़ता है। साथ ही, फुटपाथ भी अवरुद्ध हैं, जिससे पैदल चलना मुश्किल हो गया है। दुकानदारों का कहना है कि रेहड़ी वालों के कारण ग्राहक उनकी दुकानों तक पहुंच ही नहीं पाते।
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गंदगी, झगड़े और प्रशासन की अनदेखी
स्थानीय व्यापारियों का आरोप है कि ये रेहड़ी वाले न सिर्फ गंदगी फैलाते हैं, बल्कि बहस और झगड़े की स्थिति भी बना देते हैं। कई बार महंगी गाड़ियों में आने वाले ये लोग जब हटने को कहा जाता है, तो उल्टा धमकाते हैं। दुकानदारों का कहना है कि जब वे शिकायत करते हैं, तो नगर निगम एक दिन के लिए कार्रवाई करता है, लेकिन अगली सुबह फिर वही हालात सामने होते हैं।








टैक्स दुकानदार दे, फायदा रेहड़ी वाले ले रहे
रेहड़ी वाले दुकानों के आगे लगकर ग्राहकों को रोकते हैं। हम सफाई का ध्यान रखें, बिजली का बिल दें, स्टाफ रखें, लेकिन फायदा उन्हें हो रहा है जो न कोई नियम मानते हैं न टैक्स देते हैं। -अकविंदर सिंह गोसल, प्रधान फेज 3बी2 मार्केट



सब पर एक नियम लागू हो
यह बाजार रेहड़ी मार्केट बनकर रह गई है। प्रशासन को या तो रेहड़ी वालों को वैकल्पिक जगह देनी चाहिए या फिर टैक्स और नियमों का पालन सब पर एक जैसा लागू हो। -नवदीप बंसल, दुकानदार फेज 3बी2
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