घरों में चलाए जा रहे पीजी पर निगम ने शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है। नगर निगम ने कॉमर्शियल प्रॉपर्टी टैक्स वसूलने का मन बना लिया है। 15 जुलाई को होने वाली हाउस की मीटिंग में प्रस्ताव लाया जाएगा। इस संबंध मेयर कुलवंत सिंह ने लिखा है कि जिन रिहायशी मकानों और कोठियों में पीजी चल रहे हैं, उनसे कामर्शियल प्रॉपर्टी टैक्स वसूला जाना चाहिए। मेयर ने लिखा है कि पीजी बिजनेस के रूप में चलाए जा रहे हैं। पीजी संचालक ने लोगों से मनमर्जी से किराया वसूल करते हैं। ऐसे में जिन घरों में पीजी चल रहे हैं, उनसे कॉमर्शियल टैक्स वसूलने संबंधी प्रस्ताव पर विचार किया जाए।
गौरतलब है कि वर्ष 2014-15 से रिहायशी प्रॉपर्टी किराए पर देने वाले मालिकों द्वारा वसूल किए गए प्रॉपर्टी टैक्स पर सरकार ने छूट दी थी। लेकिन जिन मकानों में पीजी चलाए जा रहे हैं उनसे किराए के हिसाब से टैक्स नहीं वसूला जा सकता है। इसके बाद भी पीजी मालिक मनमर्जी का किराया वसूल करते हैं। यह एक प्रकार का बिजनेस है। इसलिए प्रॉपर्टी टैक्स के संबंध में जारी नोटिफिकेशन में पीजी संचालकों से किराए के हिसाब से प्रॉपर्टी टैक्स वसूल करने का प्रस्ताव लाया जा रहा है।