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रेहड़ी फड़ी पर हंगामा, कमिश्नर से उलझे डिप्टी मेयर

Sat, 16 Jul 2016 11:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, मोहाली
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कमिश्नर से उलझे डिप्टी मेयर - फोटो : अमर उजाला
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तीन महीने बाद शुक्रवार को हुई निगम की हाउस मीटिंग हंगामेदार रही। मेयर के कहने पर जब निगम के अफसर ने रेहड़ी फड़ी लगवाने वालों के नामों की सूची पढ़नी शुरू की तो डिप्टी मेयर मनजीत सिंह सेठी अपना नाम सुनते ही भड़क उठे। इसके बाद डिप्टी मेयर निगम कमिश्नर से बहस करने लगे। निगम सुपरिंटेंडेंट को पकड़कर पर स्टेज पर ले आए। आरोप है कि इस दौरान उन्होंने दोनों अधिकारियों के खिलाफ गैर संसदीय भाषा का प्रयोग किया। साथ ही उन्होंने अफसरों पर संगीन आरोप लगाए।
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इसी बीच उनके समर्थक मंच पर पहुंच गए और सुपरिंटेंडेंट से हाथापाई करने लगे। काफी समय तक वहां पर मौजूद अफसर व पार्षद उन्हें शांत करते रहे। माहौल खराब होता देख कमिश्नर बीच में ही मीटिंग को छोड़कर चले गए। इसके बाद मीटिंग को बिना कोई प्रस्ताव पास किए रद कर दिया गया। मीटिंग सवा घंटे तक चली। वहीं, निगम कमिश्नर ने इस संबंध में सरकार को लिख दिया है। साथ ही पुलिस को भी शिकायत दे दी गई।

ऐसे शुरू हुई हंगामे की शुरुआत
शुक्रवार जैसे ही मीटिंग शुरू हुई तो पार्षद कुलजीत सिंह बेदी ने कहा कि मीटिंग के एजेंडे से हटकर कुछ मुद्दे यहां उठाना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि वह टाऊन वेडिंग कमेटी के मेंबर हैं। कमेटी की मीटिंग हो चुकी है, लेकिन अभी तक उन्हें जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि उन्हें पता चला है कि रेहड़ियों की संख्या बढ़ गई है। अब इनकी संख्या तीन हजार से ज्यादा हो गई है। उन्होंने सर्वे पर सवाल उठाए। साथ ही कहा कि एकदम रेहड़ियों की संख्या कैसे बढ़ गई। उन्होंने चंडीगढ़ की तर्ज पर मोहाली में भी डिजिटल सर्वे करवाए जाने की मांग की। मेयर ने रेहड़ी फड़ीवालों के सर्वे पर कहा कि इस संबंध में जवाब कमिश्नर ही दे सकते हैं। इस पर कमिश्नर ने कहा कि बेदी कमेटी के मेंबर हैं। उन्हें टाऊन प्लानिंग की कमेटी में ही यह सवाल उठाने चाहिए। अभी तक प्राथमिक सर्वे करवाया गया है। इसमें बदलाव संभव हैं। सभी पैरामीटर फालो किए जा रहे हैं। वहीं, उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार का एक्ट है कि रेहड़ी फड़ीवालों को पुनर्वास के बिना हटाया नहीं जा सकता है। इस पर मेयर ने कहा कि कमिश्नर साहब का कहना है कि जितनी मर्जी रेहड़ी फड़ी लग जाएं। हम लगने देंगे। इस पर कमिश्नर ने एक्ट की बात कही।
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ऐसे नौबत आई लिस्ट की
फिर पार्षद अमरीक सिंह सोमल ने लावारिस पशुओं का मुद्दा उठाया। इस पर मेयर ने कहा कि एक मामले में उन्होंने भी सेनेटरी इंस्पेक्टर से कहा था कि जब पशु पकड़ने के लिए आप गए थे तो जिन लोगों उन पर हमला किया था उनके नाम लिखकर भेजो। उस समय इंस्पेक्टर ने कहा था कि पूरी डिटेल उनके पास है। लेकिन जब रिपोर्ट आई तो उसमें अज्ञात लोगों के नाम लिखे थे। उन्होंने कहा कि निगम कमिश्नर को भी उन्होंने लिखा था। लेकिन कोई फाइल वापस नहीं आई। इसी बीच कमिश्नर उमा शंकर गुप्ता ने कहा कि उनके पास एक सूची है। इसमें सबके नाम हैैं जो कि रेहड़ी फड़ियां लगवाते हैं। साथ ही पकड़े गए पशुओं को छुड़वाते हैं। इस पर मेयर ने कहा कि वह लिस्ट में लिखे नामों को पढ़कर सुनाएं। जैसे ही सूची में सबसे पहले डिप्टी मेयर का नाम लिया गया। इसी बीच मामला गरमा गया।

यह नाम बोले तो सभी पार्षद पहुंचे मंच पर
माहौल थोड़ा शांत हुआ तो निगम अफसर ने अगले नाम पढ़ने शुरू कर दिए। इनमें अशोक कुमार झा, अरुण शर्मा, परमजीत सिंह काहलो, परविंदर सिंह, अमरीक सिंह मोहाली, प्रकाशवती व बेटे, एमएलए सिद्धू, हरजिंदर सिंह सांसद के पुत्र, एसपी राजिंदर सिंह सोहल, एसपी जगजीत सिंह झल्ल, मुंशी विजिलेंस जगतार सिंह, डीएसपी राजिंदर सिंह, परविंदर सिंह, राजिंदर शर्मा, राम, बेदी, सरबजीत सिंह जसबीर सिंह, राजिंदर सिंह, रमनदीप कौर व बिंद्रा शामिल हैं। जैसे ही यह नाम सुनाए इसके बाद सभी पार्षद इकट्ठे होकर मंच पर पहुंच गए। साथ ही निगम कमिश्नर से जवाब-तलब करने लगे। साथ ही सुपरिंटेंडेंट के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाने की मांग की।

निगम अफसर लेते हैं 20 फीसदी कमीशन
अकाली पार्षद गुरमीत वालिया ने आरोप लगाया कि नगर निगम के अधिकारी काम करवाने के लिए 20 फीसदी कमीशन लेते हैं। साथ ही पार्षदों को बदनाम किया जा रहा है। हालांकि वालिया का लिस्ट में नाम नहीं था। उन्होंने कहा कि अधिकारियों ने पूरे हाउस को बेइज्जत किया है। जिसे बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वे दोनों अधिकारियों को बदलने की मांग करने लगे। इसी बीच कमिश्नर मीटिंग छोड़ चले गए। साथ ही मीटिंग को कैंसिल कर दिया गया।
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